-लगभग 10 दिन पहले पंजाब के गुरुद्वारे से लापता हुए थे 75 वर्षीय बुजुर्ग

-बुजुर्ग की खोज में भटक रहे थे परिवारजन, पुलिस बनी मददगार

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भले ही पुलिस विभाग के अधिकारियों या पुलिस जवानों की लोगों में छवि सही नही हो लेकिन कई ऐसे भी काबिल पुलिस अधिकारी व कर्मचारी विभाग में तैनात हैं जो ड्यूटी के साथ अपने सामाजिक नैतिक फर्ज भी निभा रहे हैं। और देश भक्ति जनसेवा के नारे को सार्थक रूप से पूरा करते हुए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में लगभग दस दिन पहले पंजाब से रास्ता भटके हुए बुजुर्ग अमरीक सिंह पिता हजारा सिंह 75 वर्ष निवासी जिला पठानकोट पंजाब परिवार के साथ नांदेड़ पंजाब के गुरुद्वारे दर्शन करने गए थे। और वहीं से परिवार से बिछड़कर एक हज़ार किलोमीटर दूर सलामतपुर तक पहुंच गए। वह तो गनीमत रही कि एक ट्रक ड्राइवर अमरीक सिंह को सलामतपुर थाने ले आया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने बुजुर्ग से पूछताछ की तो वह अपने घर का सही पता नही बता पा रहे थे। और बहुत घबराए हुए थे। थाना प्रभारी ने उन्हें खाना वगैरह खिलाकर फिर से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह पठानकोट पंजाब के रहने वाले हैं। गुरुवार के दिन परिवार के सदस्यों से संपर्क किया गया। और शुक्रवार को अमरीक के भाई और दामाद थाने पहुंचे। बिछड़े हुए अमरीक सिंह से मिलकर उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा। और गले लगकर भाई और दामाद के आंसू निकल आए। उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

दस दिन में एक हज़ार किमी का किया सफर तय और पहुंचे सलामतपुर----अमरीक सिंह के परिवार के 15 से 20 लोग लगभग 10 दिन पहले नांदेड़ पंजाब के गुरुद्वारा दर्शन करने को गए थे। तभी 75 वर्षीय बुजुर्ग अमरीक सिंह परिवार से बिछड़ गए और रास्ता भटकते हुए एक हज़ार किलोमीटर दूर रायसेन जिले के सलामतपुर कस्बे तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि वह कहीं ट्रेन में बैठकर तो कहीं किसी ट्रक में लिफ्ट लेकर यहां तक पहुंचे हैं। गुरुवार के दिन एक ट्रक ड्राइवर से अमरीक सिंह ने लिफ्ट ली। ट्रक ड्राइवर ने समझदारी दिखाते हुए बुजुर्ग को सलामतपुर थाने लाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

इनका कहना है।

हम सभी परिवार के 15 से 20 लोग लगभग 10 दिन पहले पंजाब के गुरुद्वारा दर्शन करने गए थे। तभी मेरे बड़े भाई हमसे बिछड़ गए। सभी परिवार सदस्यों ने उन्हें ढूंढने के काफी प्रयास किये थे। थाने में भी गुम इंसान दर्ज कराया था। लेकिन बड़े भैया का कहीं पता नही चल रहा था। गुरुवार को रायसेन जिले के सलामतपुर थाने से फोन आया कि मेरे बड़े भाई अमरीक सिंह मिल गए हैं। शुक्रवार को पुलिस ने हमें बिछड़े हुए भाई से मिलवा दिया।  

जोगा सिंह, बुजुर्ग के छोटे भाई पठानकोट गुरुदासपुर पंजाब।

गुरुवार को एक ट्रक के ड्रायवर ने बुजुर्ग अमरीक सिंह को लिफ्ट देकर सलामतपुर थाने छोड़ दिया था।  हमने गंभीरता के साथ बुजुर्ग के घर का पता करके उनके परिजनों से मिलवा दिया। और शुक्रवार को उनके भाई व दामाद के सुपुर्द कर दिया।

दिनेश सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी सलामतपुर।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28