गांव में अवैध रूप से बिक रही शराब महिलाएं कच्ची शराब लेकर पहुंचीं रायसेन कलेक्ट्रेट, आबकारी अमले की नाकामी उजागर
अदनान खान रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत भरतीपुर से मंगलवार को ढाई सौ से अधिक ग्रामीण रायसेन कलेक्ट्रेट पहुंचे और क्षेत्र में कच्ची-पक्की शराब की अवैध बिक्री के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। आदिवासी समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए फूट-फूटकर बोले कि शराबखोरी ने उनके घर बर्बाद कर दिए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई गांवों में खुलेआम कच्ची शराब बनाई जा रही है और पक्की शराब का अवैध कारोबार भी जारी है, लेकिन आबकारी विभाग आंखें मूंदे बैठा है। महिलाओं ने यहां तक कहा कि जब भी पुलिस और आबकारी अमले को सूचना दी जाती है, वे या तो टालमटोल करते हैं या खानापूर्ति की कार्रवाई कर चलते बनते हैं।
गुस्साई महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही कच्ची शराब रखकर सबूत पेश किए और सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब बिक रही है तो प्रशासन की नाकामी क्यों है? उन्होंने कहा कि शराब के नशे ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ा है बल्कि घर-घर में लड़ाई-झगड़े और सामाजिक बिखराव भी बढ़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे खुद नशा मुक्ति अभियान चला रहे हैं, लेकिन प्रशासन और आबकारी विभाग की बेरुखी के कारण उनकी मेहनत बेअसर साबित हो रही है। अब सवाल साफ है कि क्या आबकारी विभाग की ढिलाई के चलते यह शराब माफिया और ज्यादा हावी होता जा रहा है?

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