दूषित पानी से मौतों के बाद ग्रामीणों में दहशत, गटर के गंदे पानी में ही डाल दी पानी की पाइपलाइन
-जल जीवन मिशन पर करोड़ों खर्च, फिर भी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा शुद्ध जल
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
इंदौर शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 16 मौतों और 150 लोगों के बीमार होने से पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। वहीं शहरों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी स्वच्छ पेयजल का सपना अब मज़ाक बनता नजर आ रहा है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ताज़ा मामला सांची विकासखंड के ग्राम अंबाड़ी का है, जहाँ हालात इतने बदतर हैं कि नालियों और गटर के बीच से होकर गुजर रही पाइपलाइनों से ही लोगों को पानी सप्लाई किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर पाइपलाइन के वॉल और जोड़ पूरी तरह लीकेज हैं। नालियों में बहता गंदा पानी इन लीकेज पाइपों में भर जाता है, और वही दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है। मजबूरी में ग्रामीण वही पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस स्थिति की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार दी गई, लेकिन आज तक न तो पाइपलाइन सुधारी गई और न ही लीकेज बंद किए गए। सवाल यह उठता है कि जब सरकार हर घर नल, हर घर जल का दावा कर रही है, तो फिर ज़मीनी हकीकत इतनी भयावह क्यों है? ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से इंकार नहीं किया जा सकता। अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन-प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब जागता है, या फिर जल जीवन मिशन यूँ ही गटर के पानी में बहता रहेगा।
पूर्व सीएम के संकल्प पर अफसर फैर रहे पानी-- पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2023 तक सभी गांवों में नल से जल पहुंचाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गांवों के विकास के साथ-साथ लोगों के कल्याण के लिए, उनके विकास के लिए भी प्रमुखता से काम किया जा रहा है। सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल से जल पहुंचाने का काम बड़े जोर शोर से किया जा रहा है कि महिलाओं को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। उन्हें घर पर ही नल से पानी उपलब्ध होगा, कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन सांची जनपद क्षेत्र के कई गांवों में ऐसा नहीं हो रहा है । पीएचई विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारी सरकार की जल जीवन मिशन योजना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। और लाखों रुपए बर्बाद करके निर्माण कार्यों को शो पीस बनाया जा रहा है। जिसकी वजह से गांव की आबादी को साफ पीने के पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रही है।
इनका कहना है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 16 मौतों के बाद हमें भी चिंता होने लगी है क्योंकि हमारे गांव में पीने की पाईप लाइन गटर के पानी में से होकर जा रही है। और उसमें कई जगह लीकेज भी हैं।पानी की पाईप लाइन दूसरी जगह शिफ्ट करना चाहिए। नही तो गंभीर हादसा होने की आशंका है।
जितेंद्र जैन, स्थानीय रहवासी।
गांव में पीने की पाईप लाईन नाली और गटर के पानी में डली हुई है। जिम्मदारों को शिकायतों के माध्यम से सूचित किया गया है। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नही हुई है।
केशव प्रजापति, स्थानीय रहवासी।
घरों में पीने का पानी साफ नही आ रहा है। गंदा पानी आ रहा है। वहीं टंकी का वॉल्व भी खराब पड़ा हुआ है। जिसकी वजह से दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है। रायसेन कलेक्टर से मांग है कि वह हमारी समस्या का शीघ्र समाधान करें।
सीताराम प्रजापति, स्थानीय ग्रामीण।

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