एसआईआर में फर्जी आपत्तियों का खेल, बांसखेड़ा में 173 वोटर्स के साथ ही महिला सरपंच को भी बताया बाहरी
-सेमरा गांव में भी 75 मतदाताओं की दोबारा जांच
-सलामतपुर थाने शिकायत करने पहुंचे वोटर्स, अज्ञात व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग
-विशेष समुदाय के वोटर्स रहे निशाने पर, दावे आपत्ति का गुरुवार को आखरी दिन
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
अभी सुनारी सलामतपुर में 150 मतदाताओं को बाहरी बताने वाली झूठी शिकायत का मामला ठंडा भी नही हुआ था कि गुरुवार को बांसखेड़ा गांव के 173 मतदाताओं के नाम पर फर्जी और झूठी आपत्ति का मामला सामने आया है। यहां पर तो वर्तमान महिला सरपंच मैमुना बी को भी बाहरी बताकर आपत्ति लगाई गई है। गुरुवार को गांव के 40 से 50 मतदाता सलामतपुर थाने में झूठी आपत्ति लगाने वाले रवि सिंगरौली के खिलाफ कार्रवाई करने का आवेदन देने पहुंचे। थाने में थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने सभी को नियमानुसार मामले की शिकायत रायसेन एसडीएम को करने की सलाह दी। वहीं शिकायत दर्ज कराने आए सरपंच पति राशिद मोहम्मद ने बताया कि सांची विधानसभा 142 क्षेत्र के बांसखेड़ा मतदान नम्बर 39 और 40 के लगभग 173 मतदाताओं पर फार्म 7 भरकर झूठी आपत्ति लगाई गईं हैं। यह आपत्ति 20 जनवरी को लगाई गई है। 87 वोटर्स के नाम पर किसी रवि सिंगरौली और 86 वोटर्स के नाम पर लक्ष्मीकांत के नाम से आपत्ति लगाकर उनको बाहरी बता दिया गया है। जबकि इन सभी वोटर्स का वैरिफिकेशन बीएलओ द्वारा घर घर जाकर किया जा चुका है। सभी की एसआईआर में मैपिंग के बाद डिजिलाइज़ेशन भी किया जा चुका है। अब झूठी आपत्ति के बाद सभी 173 मतदाताओं को फिर से पंचनामा में 5 गवाहों के हस्ताक्षर कराने के बाद आधार कार्ड और समग्र आईडी की कॉपी देना पड़ी।
सेमरा गांव में भी 75 मतदाताओं की दोबारा जांच--स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत नए नाम जोड़ने और ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नामों पर आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया गुरुवार तक जारी है। इसी क्रम में सांची विकासखंड के ग्राम सेमरा में एक आपत्ति के चलते बड़ा विवाद सामने आया, जहां एक साथ 75 मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज कराई गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार सेमरा की मतदान केंद्र क्रमांक 15 से जुड़े 75 मतदाताओं को अचानक बाहरी बताकर आपत्ति दर्ज की गई। जबकि ये सभी मतदाता जन्म से ही इसी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। आपत्ति सामने आने के बाद संबंधित मतदाताओं में भारी असमंजस और चिंता का माहौल बन गया। बीएलओ ने आपत्ति वाले सभी मतदाताओं से दस्तावेज लेकर दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना पत्रक वितरित किए गए थे और मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी थी।सेमरा निवासी इसाक खान ने आपत्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपत्ति लेने वाले लोग स्थानीय नहीं हैं। उनके अनुसार कोई विदिशा से है, कोई रायसेन से और कोई अन्य स्थानों से है। ऐसे में बाहरी लोग स्थानीय मतदाताओं पर आपत्ति कैसे दर्ज कर सकते हैं, यह समझ से परे है। फिलहाल बीएलओ द्वारा पुनः वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की है।
बीएलओ के वेरिफिकेशन पर आपत्ति-- सांची विधानसभा क्षेत्र 142 के बांसखेड़ा पोलिंग बूथ नंबर 39 और 40 में करीब 173 मतदाताओं को यहां निवास नही करने और बाहरी बताकर झूठी आपत्ति दर्ज कराई गई है। जबकि कस्बे में बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना पत्रक बांटे थे। जिसका वेरिफिकेशन और मैपिंग भी उनके द्वारा की गई थी।
रवि और लक्ष्मीकांत के नाम से लगाई आपत्ति--पोलिंग बूथ नंबर-39 और 40 में ज्यादातर आपत्ति 87 आपत्तियां रवि सिंगरौली के नाम से और 86 आपत्तियां लक्ष्मीकांत के नाम से लगाई गईं हैं। जब आपत्तिकर्ता रवि का मोबाइल लगाया गया तो उसने बताया कि वह रायसेन में रहता है और उससे आपत्तियां लगवाई गईं हैं। लेकिन वह उसका नाम नही बताएगा। अब गुरुवार के दिन से वह मोबाइल रिसीव ही नही कर रहा।
धर्म विशेष के मतदाताओं को बनाया गया है निशाना--बांसखेड़ा गांव की एसआईआर में दावे आपत्ति में झूठी आपत्ति दर्ज कराकर 173 धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाया गया है। जबकि बीएलओ ने एसआईआर में मैपिंग वाले मतदाताओं के नाम पर आई आपत्तियां खारिज कर दीं हैं। हालांकि इन मतदाताओं से आधार कार्ड और समग्र आईडी लेकर पंचनामा बनाया है।
आपत्तियों का किया निराकरण
मतदान केंद्र 39 और 40 में एसआईआर मैपिंग वाले मतदाताओं के नाम पर लगभग 173 आपत्तियां आई थीं। इनमें से ज्यादातर झूठी पाईं गईं। सभी मतदाताओं से पंचनामा फार्म 5 गवाहों के हस्ताक्षर करा के लिए हैं। वहीं जिसके नाम से आपत्तियां लगाई गईं थी। उसको मोबाइल लगाया गया तो उठाया नही गया।
अलीम बेग, बीएलओ बूथ नंबर-39
राजनैतिक लाभ के लिए लगाई आपत्तियां
मेरी पत्नी मैमुना बी जो वर्तमान में बांसखेड़ा गांव की सरपंच है उनको भी झूठी आपत्ति में यहां निवास नही कर के गायब बता दिया गया है। जबकि बीएलओ ने मेरे घर पर आकर गणना पत्रक भरा था। वेरिफिकेशन के बाद मैपिंग भी की थी। जांच में आपत्तियां झूठी निकली। एसआईआर में दावे आपत्ति के आखरी दिन झूठी आपत्तियां लगाकर धर्म विशेष के लोगों को परेशान किया जा रहा है। राशिद मोहम्मद, सरपंच प्रतिनिधि बांसखेड़ा गांव।

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