रात की बारिश से किसानों को राहत, गेहूं-चना फसलों को मिला जीवनदायी पानी, पैदाबार बढ़ने की उम्मीद
अदनान खान सलामतपुर रायपानीसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पे पैनी नज़र)
अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में बीती रात हुई बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। लंबे समय से सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं रही। खासकर सूखी खेती करने वाले किसानों के लिए यह पानी अमृत समान साबित हुआ है।
सुकासेन गांव के उन्नत किसान गुफरान अहमद जाफरी ने बताया कि यह “माहोट का पानी” है, जो फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि हालांकि इस मौसम की बारिश कई बार ओले भी साथ ला सकती है, जिससे नुकसान की आशंका रहती है, लेकिन इस बार हुई बारिश ने गेहूं और चना की फसलों को सीधा लाभ पहुंचाया है।
अंचल के गांवों में रात के समय अच्छी मात्रा में बारिश दर्ज की गई, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी और फसलों को प्राकृतिक पोषण मिला। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता थी, जिसे बारिश ने पूरी कर दिया।
किसान बबलू पठान, लालजीराम चौकसे, राकेश मीणा, बलवंत ठाकुर, असलम मेवाती, शफीक खान ने बताया कि ऊपर से गिरने वाला यह बारिश का पानी यूरिया के समान कार्य करता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन पाई जाती है। इससे फसल की बढ़वार तेज होती है और बालियों में दाना मजबूत बनता है। किसानों को उम्मीद है कि इससे गेहूं की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसानों ने यह भी बताया कि अब खेतों में बार-बार सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कम पानी में बेहतर फसल तैयार हो सकेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। डीजल और बिजली की लागत में कमी आना भी किसानों के लिए बड़ी राहत है।
वहीं चना की फसल पर भी इस बारिश का सकारात्मक असर देखने को मिला है। जहां पहले किसान नोजल लगाकर सिंचाई कर रहे थे, वहीं अब बारिश के बाद अतिरिक्त पानी की जरूरत नहीं रह गई है। मिट्टी में आई नमी से चना के पौधे मजबूत होंगे और उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
किसानों का कहना है कि बारिश बिल्कुल सही समय पर हुई है, जिससे फसलों को संजीवनी मिली है। यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो इस वर्ष गेहूं और चना का उत्पादन बेहतर रहेगा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्र में खुशहाली आएगी। कुल मिलाकर, बीती रात हुई बारिश ने सलामतपुर, रातातलाई, जमुनिया, दीवानगंज, अम्बाडी, मुड़ियाखेड़ा, शाहपुर, कायमपुर, नीनोद, सेमरा, सरार, खोहा, बेरखेड़ी चौराहा, बेसर, रतनपुर अंचल के किसानों को बड़ी राहत दी है और एक बार फिर साबित किया है कि प्राकृतिक बारिश आज भी खेती के लिए सबसे उत्तम और भरोसेमंद साधन है।

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