राजनीतिक समीकरण: तमिलनाडु में कांग्रेस-DMK गठबंधन की सीटों पर चर्चा जारी
चेन्नई । तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने साफ किया कि कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत के बाद समझौता होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में बातचीत होती है, और हर पार्टी अधिक सीटों की मांग करती है, और अंततः समझौता होता है। हम डीएमके से कुछ और सीटों की मांग कर रहे हैं, और समझौता हो जाएगा।
कांग्रेस नेता सेल्वपेरुंथगई ने कहा कि डीएमके और कांग्रेस, इंडिया ब्लॉक गठबंधन, स्वाभाविक गठबंधन है, एक वैचारिक गठबंधन है। असहमति की क्या बात है? हर चुनाव में, सभी पार्टियां, यहां तक कि छोटी पार्टियां भी, अधिक सीटों की मांग करती हैं। हमारे मुख्यमंत्री स्टालिन इस पर जरूर विचार करने वाले है। कोई समस्या नहीं है, सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कांग्रेस और तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) की बातचीत की अफवाहों को खारिज कर कहा कि हमने टीवीके से बात नहीं की। किसने कहा कि हमने टीवीके से बात की? मैं पीसीसी अध्यक्ष हूं। मेरे हाई कमांड ने भी मुझे उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बात करने का कोई निर्देश नहीं दिया। हम कोई गुप्त राजनीति नहीं करते।
ये बयान राज्य में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच चल रही बातचीत के बीच आए हैं। इस बीच, तमिलनाडु के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) प्रभारी गिरीश चोडंकर ने भी डीएमके नेतृत्व के साथ सीटों के बंटवारे पर चल रही बातचीत को लेकर आशा व्यक्त की। चोडंकर ने कहा कि हमने अपनी-अपनी इच्छा सूची साझा कर ली है और जैसे ही यह अंतिम रूप ले लेगी, हम आपको सूचित किया जाएगा। हमें पूरी उम्मीद और विश्वास है कि हमारी इच्छाएं पूरी होंगी।

बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल: 1 अप्रैल से “स्कूल चलें हम” अभियान, अधिकारियों को निर्देश
बाल-बाल बचे 16 लोग: नर्मदा में नाव पलटी, 5 बाइक डूबीं—4 युवकों की बहादुरी से टला हादसा
दिव्यांगता बनी ताकत: इंदौर की सपना शर्मा ने पैराताइक्वांडो में जीता चौथा स्वर्ण
अप्रैल से बढ़ेंगी कीमतें: ब्रेड, फुटवियर और जरूरी सामान पर 25% तक इजाफे की आशंका
भोपाल के कई इलाकों में आज अंधेरा: 22+ एरिया में घंटों बिजली रहेगी गुल
शादी सीजन से पहले एमपी में गैस संकट! मांग डेढ़ लाख सिलेंडर रोज़, आधी ही हो रही सप्लाई
जैश-ए-मोहम्मद को नुकसान: मसूद अजहर के भाई की मौत, ट्रेनिंग कैंपों की थी जिम्मेदारी