कॉलेज प्राचार्यों पर नया बोझ, अब कैंपस में आवारा कुत्तों की देखरेख करना होगा
भोपाल।मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों को आवारा मवेशियों और कुत्तों से अब छुटकारा मिलने वाला है. मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के कॉलेजों में आवारा पशुओं एवं कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए गाइडलाइन जारी की है. ये गाइडालाइन सराकरी और निजी दोनों विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लागू होगी. मध्य प्रदेश शासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पालन करते हुए ये फैसला लिया हैं. इस नई व्यवस्था के लागू हो जाने से किसी भी शैक्षणिक संस्थानों आवारा कुत्ते और मवेशी नजर नहीं आएंगे।
प्राचार्यों को ही नोडल अधिकारी किया गया नियुक्त
नए नियमों के तहत अब कॉलेज के प्राचार्यों को ही नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनकी सीधी जिम्मेदारी कैंपस को पशु मुक्त रखने की होगी. प्राचार्यों को 16 मार्च तक सुरक्षा व्यवस्था की रिपोर्ट सौंपनी होगी. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर संस्थानों के प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके।
बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
शिक्षा विभाग ने जिन कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं हैं, वहां दीवार निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं जिन संस्थानों में बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त है वहां पर तुरंत मरम्मत कराने के आदेश दिए गए हैं. यदि किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय परिसर में आवारा कुत्ते या अन्य पशु दिखाई देते हैं, तो संबंधित संस्थान को तुरंत स्थानीय निकाय से संपर्क कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करनी होगी।

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