एस जयशंकर के एक कॉल से खुला रास्ता, सुरक्षित गुजरेंगे भारतीय जहाज
भारत। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है. मीडिया रिपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की थी. माना जा रहा है कि इसी बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय टैंकरों को गुजरने की इजाजत दे दी है. भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अराघची से जंग शुरू होने के बाद 3 बार फोन पर बात की है. गुरुवार को भी जयशंकर ने अराघची से बातचीत की, जिसके बाद ईरान ने भारतीय तेल के टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी. दोनों विदेश मंत्री बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे थे, ताकि कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर कोई असर न पड़े।
एस. जयशंकर ने कई देशों से की थी बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि कई देशों से बातचीत की थी. ताकि किसी प्रकार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाया जा सके. इसके साथ ही जयशंकर ने इस मुद्दे को सुलझाकर साबित कर दिया है, कि तनाव के समय अपने हितों की रक्षा के लिए सक्षम हैं।
भारत के लिए कूटनीतिक सफलता
भारत के लिए यह रास्ता खुलवाना किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि यह रास्ता अमेरिका, यूरोप और इजरायल के लिए भी बंद कर दिया गया था. ऐसे में भारत के लिए रियायत देना कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है. ईरान ने भारत को अनुमति देने के साथ ही यह भी साफ किया है कि अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों पर फिलहाल प्रतिबंध जारी रहेंगे।

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