अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सांची जनपद क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र अब तक शुरू नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में गेहूं की फसल कई जगह कटकर खुले में रखी हुई है, तो कहीं अब भी खड़ी है। किसान सरकारी खरीदी केंद्र शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि सीधे तुलाई केंद्र पर अपनी उपज बेच सकें।इधर पिछले दो-तीन दिनों से मौसम में अचानक बदलाव आया है और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। कटाई के बाद खुले में रखी फसल को बचाने के लिए किसानों को अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं, वहीं खड़ी फसल भी बारिश के कारण आड़ी होकर खराब हो रही है।

1 अप्रैल से खरीदी शुरू हो जाती तो नुकसान से बच जाते--कई किसानों का कहना है कि यदि सरकार 1 अप्रैल से खरीदी केंद्र शुरू कर देती, तो वे अब तक अपनी फसल बेच चुके होते और नुकसान से बच जाते। अब जानकारी सामने आ रही है कि खरीदी केंद्र 10 अप्रैल से शुरू होंगे, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए जिले के कई क्षेत्रों में खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को पहले ही भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में बारिश और आग दोनों की मार झेल रहे किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। फिलहाल किसान अपनी फसल को बचाने के लिए उसे ढंककर रखने और हरसंभव उपाय करने में जुटे हैं, लेकिन खरीदी केंद्र शुरू होने में देरी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।

इनका कहना है।

बार बार बारिश होने से बहुत दिक्कत आ रही है।मौसम प्रतिदिन खराब हो रहा है। गेहूं कटे हुए बाहर रखे हैं। सरकार पहले 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वाली थी। हमने गेंहू ट्राली में भर लिया था। लेकिन पता चला कि तुलाई की डेट अब 10 अप्रैल कर दी गई है। अभी तक यही नही पता चल पाया कि सरकार गेंहू तोलेंगे भी की नही।

इकबाल अहमद, किसान दीवानगंज।

एक तो मौसम की मार दूसरा समर्थन मूल्य पर गेंहू की खरीदी शुरू नही होने की वजह से आसपास क्षेत्र के किसान परेशान हैं। फसल कट चुकी है। बार बार मौसम खराब होने की वजह से चार-चार हज़ार रुपये कीमत की दो तिरपाल फट चुकी हैं। और अभी भी गेंहू तुलाई की कोई गारंटी नही है। मेरी शासन प्रशासन से मांग है कि शीघ्र ही समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की जाए।

इदरीश खान, किसान दीवानगंज।

आसपास क्षेत्र में अधिकतर किसानों की पिसी कट चुकी है। कुछ की फसलें कटी हुई खेत में पड़ी है। और कुछ गेंहू फसल कटने वाली है। अगर सरकार 1 अप्रेल से गेंहू खरीदी शुरू कर देती तो बारिश की वजह से होने वाले  नुकसान से बच जाते।

कमल सिंह साहू, किसान दीवानगंज।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28