दिल्ली होगी हरित: मिशन के लिए 17 विभागों की साझा रणनीति तैयार
नई दिल्ली। दिल्ली को साफ और हरा-भरा बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। वित्त वर्ष 2026-27 के ग्रीन बजट में पर्यावरण सुधार के लिए रखे गए 22,236 करोड़ रुपये इन विभागों को बांटे गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि अब ग्रीन दिल्ली सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाली योजना होगी। दिल्ली सरकार का यह ग्रीन बजट एक बड़ा और व्यापक प्लान है, जिसमें हर विभाग को शामिल किया गया है। अगर ये योजना सही तरीके से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की हवा, पानी और माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पर्यावरणविदो्ं का कहना है कि अगर सभी विभागों ने समन्वय दिखाते हुए एक टीम की तरह काम किया तो ग्रीन दिल्ली के सपने को कागज से धरातल पर लाने का सपना हकीकत बनना मुश्किल नहीं है।
दिल्ली में विकसित होंगे दो नए थीम बेस्ड वन
दिल्ली में हरियाली बढ़ाने के लिए इस साल दो नए थीम बेस्ड वन विकसित किए जाएंगे। साउथ फॉरेस्ट डिवीजन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। तुगलकाबाद में एक हेक्टेयर क्षेत्र में नक्षत्र वन विकसित किया जाएगा, जहां 1000 पेड़ और 2000 झाड़ियां लगाई जाएंगी और उनकी एक साल तक देखभाल की जाएगी। वहीं भट्टी क्षेत्र में 0.3723 हेक्टेयर क्षेत्र में बेल वन बनाया जाएगा, जिसमें 500 पेड़ और 1000 झाड़ियां लगाई जाएंगी।
दोनों परियोजनाओं पर 10 अप्रैल से काम शुरू हो जाएगा। वन एवं वन्यजीव विभाग बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाने जा रहा है। इसके तहत 70.82 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इस बार वन विभाग तीन-स्तरीय पौधारोपण मॉडल अपनाने जा रहा है। इसके तहत सबसे ऊपरी परत में बड़े देसी पेड़ लगाए जाएंगे, बीच की परत में छोटे पेड़ और झाड़ियां होंगी, जबकि सबसे नीचे घास और जमीन से जुड़े पौधे लगाए जाएंगे।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए
इस ग्रीन बजट का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट साफ और सस्ता होगा, पानी और सफाई की व्यवस्था मजबूत होगी और शहर ज्यादा हरा और रहने लायक बनेगा।

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