ब्रांडेड नमक की आड़ में ठगी! इंदौर में नकली ‘टाटा नमक’ बेचने वाला गिरफ्तार
इंदौर: इंदौर में नकली टाटा नमक बनाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल आरोपी सस्ता खुला नमक खरीदकर उसे ब्रांडेड पैकेट में भरकर बाजार में बेच रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली पैकेट और कच्चा नमक बरामद किया है। यह काम पिछले दो से तीन महीनों से चल रहा था और आम लोग असली समझकर इसे खरीद रहे थे।
दरअसल पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जितेंद्र गुप्ता सियागंज मार्केट से सस्ता खुला नमक खरीदता था और फिर उसे टाटा नमक के पैकेट में पैक कर देता था। पैकिंग इतनी सटीक होती थी कि ग्राहक आसानी से पहचान नहीं पाते थे कि यह नकली है। शिकायत मिलने के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। मौके से बड़ी संख्या में पैकिंग सामग्री और नकली नमक बरामद किया गया।
नकली टाटा नमक फैक्ट्री का खुलासा
वहीं इस मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कंपनी को शक था कि बाजार में उसके नाम से नकली नमक बेचा जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और लोक नायक नगर में चल रही अवैध पैकिंग यूनिट तक पहुंच गई। दरअसल कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 840 नकली टाटा नमक के पैकेट और करीब 1850 किलो कच्चा नमक जब्त किया। इसके अलावा मौके से 980 खाली ब्रांडेड पैकेट, 32 बोरे नमक, तौल मशीन, पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन और डिजिटल तराजू भी बरामद किए गए।
दरअसल जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ यह धंधा चला रहा था। वह सस्ता नमक खरीदकर उसे ब्रांडेड पैकिंग में भरता और बाजार में बेच देता था। इस तरह वह कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में न सिर्फ कंपनी की ब्रांड वैल्यू को नुकसान होता है, बल्कि ग्राहकों के साथ भी धोखा होता है।
दिल्ली से मंगवाता था पैकिंग मटेरियल
वही पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ब्रांडेड पैकिंग का सामान दिल्ली से मंगवाता था। वहां से टाटा नमक जैसे दिखने वाले कट्टे और पॉलीथिन मंगाकर वह स्थानीय स्तर पर पैकिंग करता था। इसके बाद यह नकली नमक आसपास के इलाकों में असली बताकर बेचा जाता था। थाना प्रभारी तरुण सिंह भाटी के मुताबिक आरोपी पिछले दो से तीन महीनों से यह काम कर रहा था। पैकिंग इतनी मिलती-जुलती थी कि आम ग्राहकों को असली और नकली नमक में फर्क करना मुश्किल हो जाता था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े मामलों में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही बाजार में नकली खाद्य उत्पादों पर नजर रखने के लिए भी जांच तेज कर दी गई है, ताकि ग्राहकों को ऐसे फर्जी सामान से बचाया जा सके।

1.60 लाख करोड़ के बीमा लाभ से बिजली कर्मियों को बड़ा सहारा
एविएशन सेक्टर में बड़ा झटका, स्पिरिट एयरलाइंस का ऑपरेशन बंद
महिला टी20 वर्ल्ड कप: भारत की 15 सदस्यीय टीम घोषित, मजबूत स्क्वॉड मैदान में
विश्वविद्यालय का नया कदम, मोदी विचारधारा और RSS इतिहास शामिल
लंदन में भारतीय प्रतिभा को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि बोले—भारत की विविधता है सबसे बड़ी ताकत
Financial Fraud Case: कमलेश पारेख प्रत्यर्पण, CBI की बड़ी कार्रवाई
क्या गर्मी में ग्रीन-टी से बढ़ेगी गर्मी? एक्सपर्ट की राय
IPL 2026 में राहुल का धमाका, रोहित-कोहली भी नहीं कर सके ऐसा