जबलपुर में गर्मी का कहर, अस्पतालों को भी किया गया सतर्क
जबलपुर।भीषण गर्मी और हीटवेव की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मैदानी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस अप्रैल से जून के बीच चलने वाली लू के दौरान होने वाली जनहानि को रोकना और मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराना है।
अस्पतालों में आरक्षित वार्ड
सीएमएचओ के निर्देशों के तहत जिले के सरकारी अस्पतालों में हीटवेव के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में 5 बेड और सभी सिविल अस्पतालों में 3-3 बेड केवल लू प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इन वार्डों में मरीजों को तापमान से राहत देने के लिए एयर कंडीशनर या कूलर के साथ ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी परिसर में छायादार स्थानों का प्रबंधन किया गया है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रोगियों को तत्काल शिफ्ट करने के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा को विशेष रूप से अलर्ट रहने को कहा गया है।
दवाओं का स्टॉक, टीम का गठन
स्वास्थ्य विभाग ने डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के आदेश दिए हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और डिपो स्तर पर जरूरी दवाओं का अग्रिम स्टॉक जमा किया गया है। केंद्रों पर ओआरएस कॉर्नर सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि निर्जलीकरण की स्थिति में लोगों को तुरंत घोल उपलब्ध कराया जा सके। किसी भी संभावित संकट या बीमारी के अचानक फैलाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष कॉम्बैट टीम तैयार की गई है। इसके साथ ही डेटा प्रबंधन के लिए सभी केंद्रों को आईएचआईपी पोर्टल पर दैनिक जानकारी दर्ज करने और दोपहर 1 बजे तक सीएमएचओ कार्यालय को रिपोर्ट भेजने की अनिवार्यता लागू की गई है।
प्राथमिक उपचार कैसे करें
आमजन को गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए विभाग ने स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। इसमें लोगों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर ढंकने और खाली पेट घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। शरीर में तरल पदार्थ की कमी न हो इसके लिए पानी, छाछ और पन्ना जैसे पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाने को कहा गया है। यदि कोई व्यक्ति लू की चपेट में आता है तो उसे तत्काल छायादार स्थान पर ले जाकर शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडी पट्टियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। स्थिति में सुधार न होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है ताकि समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

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