बालोद: इसरो के 'युविका' प्रोग्राम के लिए चुनी गईं छात्रा हिमांशी साहू, कलेक्टर ने किया सम्मान

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की होनहार छात्रा हिमांशी साहू ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में कदम बढ़ाकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। स्वामी आत्मानंद विद्यालय कन्नेवाड़ा की कक्षा 9वीं की छात्रा हिमांशी का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रतिष्ठित ‘यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम (युविका) 2026’ के लिए हुआ है।

कलेक्टर ने दी बधाई और सम्मान

हिमांशी की इस असाधारण सफलता पर सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने हिमांशी को प्रशस्ति पत्र, शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने कहा कि हिमांशी की यह उपलब्धि न केवल उनके स्कूल और परिवार के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव की बात है।

5.5 लाख छात्रों के बीच बनाई जगह

हिमांशी ने इस प्रोग्राम के लिए ओलंपियाड परीक्षा के जरिए आवेदन किया था। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश भर से लगभग साढ़े पांच लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच हिमांशी ने छत्तीसगढ़ राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि पूरे भारत में उनकी 112वीं रैंक रही।

प्रतिभा की धनी हैं हिमांशी

पढ़ाई के साथ-साथ हिमांशी अन्य क्षेत्रों में भी काफी सक्रिय हैं। वह ताइक्वांडो में राज्य स्तर की खिलाड़ी हैं और उनके पास स्काउट गाइड व रेड क्रॉस के प्रमाण पत्र भी हैं। उनकी इसी बहुमुखी प्रतिभा ने इसरो के चयन मानदंडों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

क्या है इसरो का 'युविका' प्रोग्राम?

इसरो का ‘युवा विज्ञानी कार्यक्रम’ (YUVIKA) विशेष रूप से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तैयार किया गया है। यह दो सप्ताह का एक आवासीय ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम है, जिसका पूरा खर्च इसरो उठाता है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इसके अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी देना और उन्हें इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।