नरवाई की आग बनी किसानों के लिए आफत, बनखेड़ी गांव में 200 सिंचाई पाइप जलकर खाक, 2 लाख का नुकसान
-फायर ब्रिगेड की कमी के चलते समय रहते नही मिलती मदद
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
रायसेन जिले में प्रशासन चाहे जितने आदेश जारी कर ले, लेकिन खेतों में नरवाई जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। कलेक्टर के निर्देश अब सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि नरवाई की आग आए दिन बड़े नुकसान की वजह बन रही है। ताजा मामला सलामतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बनखेड़ी से सामने आया है। यहां गुरुवार रात नरवाई में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग धीरे-धीरे खेत में बने एक मकान तक पहुंच गई, जिससे वहां रखा कृषि उपयोग का सामान जलकर खाक हो गया। जानकारी के मुताबिक किसान अजीज मंसूरी की कृषि भूमि बनखेड़ी में स्थित है। आग की चपेट में आने से खेत में रखे करीब 200 सिंचाई पाइप, स्टार डोरी और अन्य कृषि सामग्री पूरी तरह जल गई। वहीं खेत में लगे दो आम के पेड़ भी झुलस गए। इस हादसे में किसान को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। आसपास के कुछ किसानों के पाइप और कृषि सामग्री को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल नरवाई जलाने पर रोक के आदेश जारी होते हैं, लेकिन जमीन पर सख्ती नजर नहीं आती। लोग खुलेआम नरवाई में आग लगा रहे हैं और उसका खामियाजा दूसरे किसानों को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल पीड़ित किसान ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। वहीं सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर प्रशासन की चेतावनियां सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर क्यों रह गई हैं।
फिर खली फायर ब्रिगेड की कमी--गुरुवार को हुए हादसे के बाद एक घर में आग लग गई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सांची फायर ब्रिगेड को मोबाइल पर आगजनी की सूचना दी। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया था। परन्तु आगजनी से किसान का बड़ा नुकसान हो गया। सांची से फायर ब्रिगेड आग बुझने के बाद मौके पर पहुंचती है। सलामतपुर, दीवानगंज, बेरखेड़ी चौराहे के स्थानीय रहवासी कई बार क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की मांग कर चुके हैं। गर्मी के दिनों में आगजनी की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। और फायर ब्रिगेड की कमी के चलते समय रहते आग पर काबू नही हो पाता। क्योंकि फायर ब्रिगेड सांची या रायसेन से आती हैं। जिसमें काफी समय लग जाता है। अब फायर ब्रिगेड की मांग पूरी नही होने पर रहवासियों ने आंदोलन का मन बना लिया है।
प्रतिबंध के बाद भी नरवाई में लगा रहे हैं आग--17 मार्च को जिले में जनसामान्य के हित, सार्वजनिक सम्पत्ति, पर्यावरण एवं लोक व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अरूण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी मनोज उपाध्याय द्वारा सम्पूर्ण जिले की भौगोलिक सीमा में खेत में खड़े गेहूॅ के डंठलों (नरवाई) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंतर्गत धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 17 मार्च से लेकर आगामी दो माह तक जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में प्रभावशील रहेगा। जबकि इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा फिर भी नरवाई में आग लगाने की घटनाएं कम नही हो रही है।

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