परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: एक साथ दो जिंदगियों का अंत
भदोही: काल बनकर आया तूफान; नीम का पेड़ गिरने से मां और तीन मासूमों की मौत, दो घरों में पसरा मातम
भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में बुधवार को आए भीषण तूफान ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया। सबसे हृदयविदारक घटना सुरियावां कोतवाली क्षेत्र के खरगसेनपट्टी गांव में हुई, जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई।
मलबे में लिपटा मिला ममता का आखिरी निशान
सुरियावां के खरगसेनपट्टी में रहने वाले अशोक गौतम के कच्चे मकान पर एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया। इस हादसे में अशोक की पत्नी सुधा (30), बेटियां आरूही (4), जूही (6 माह) और बेटा आदर्श (8) मलबे में दब गए। जब बचाव कार्य शुरू हुआ और मलबे को हटाया गया, तो वहां का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। सुधा का शव मिला, जिसने अपनी छह महीने की मासूम बेटी जूही को आखिरी सांस तक अपने सीने से मजबूती से चिपका रखा था। मां की ममता की यह तस्वीर देख बचाव दल के सदस्यों का भी कलेजा कांप उठा। सुधा के पति अशोक मुंबई में मजदूरी करते हैं, जो इस दुखद खबर के बाद घर लौट रहे हैं।
खुशियों वाले घर में मची चीख-पुकार
तूफान का दूसरा कहर औराई कोतवाली क्षेत्र में टूटा। सरौली उगापुर में रहने वाले कमला शंकर के घर में 12 मई को ही बेटे भरत की शादी की शहनाइयां बजी थीं। 13 मई को नई बहू घर आई थी, लेकिन शाम को आए तूफान ने सारी खुशियां मातम में बदल दीं। चौथी की रस्म निभाने गए परिवार पर शाम को मौत बनकर आंधी टूटी। इस हादसे में परिवार की जेठानी लालती और देवरानी गीता देवी की मौत हो गई। साथ ही दूल्हे की मौसी राजकुमारी ने भी दम तोड़ दिया। जिस घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब केवल सिसकियों की आवाजें गूंज रही हैं।
प्रशासनिक मदद और मुआवजा
जिले में हुई इस भारी जन-धन की हानि पर प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। अधिकारियों का कहना है कि तूफान से हुए नुकसान और मृतकों के विवरण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्वे पूरा होते ही पीड़ित परिवारों को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाएगा। वर्तमान में पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और ग्रामीण इस प्राकृतिक आपदा के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।

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