अब सिर्फ सर्दियों का नहीं, गर्मियों का भी खतरा! दिल्ली में बढ़ा ओजोन प्रदूषण
नई दिल्ली: देश के शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण को लेकर एक बेहद परेशान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. पर्यावरण क्षेत्र के प्रतिष्ठित थिंक टैंक 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट' (CSE) द्वारा किए गए एक नए विश्लेषण से पता चला है कि जमीनी स्तर पर बढ़ने वाला ओजोन प्रदूषण अब किसी खास मौसम या दिन के कुछ घंटों तक सीमित नहीं रह गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह अदृश्य और घातक प्रदूषण अब देश के तमाम बड़े शहरों के लिए पूरे साल का एक गंभीर और परमानेंट संकट बन चुका है, जो लोगों की सेहत को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है.
दिल्ली-एनसीआर बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, दक्षिण भारत भी चपेट में
इस ताजा विश्लेषण के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटा एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) इस समय ओजोन प्रदूषण के सबसे बड़े और संवेदनशील केंद्र के रूप में उभरा है, जहां गर्मियों के मौसम में यह 'साइलेंट किलर' और भी ज्यादा खतरनाक तथा जानलेवा रूप अख्तियार कर लेता है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस जहरीली अदृश्य गैस का प्रकोप अब सिर्फ दिल्ली या उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारत के प्रमुख शहर और तटीय क्षेत्रों में बसे महानगर भी इसकी चपेट में आ चुके हैं. पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे बेहद गंभीर चेतावनी बताते हुए शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को और कड़ा करने की जरूरत पर बल दिया है.






























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