सीएम रेखा बोलीं- नई परिवहन नीति से पूरा होगा प्रदूषण नियंत्रण का लक्ष्य
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली कैबिनेट ने नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी-2026 को अपनी हरी झंडी दे दी है. इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली को देश की सबसे बड़ी 'जीरो एमिशन मोबिलिटी कैपिटल' बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने वाला कदम बताया है. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि यह दूरदर्शी नीति न केवल राजधानी में प्रदूषण के स्तर को तेजी से कम करेगी, बल्कि एक आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को बड़ा आर्थिक फायदा भी पहुंचाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई नीति का मकसद सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य की आधुनिक परिवहन व्यवस्था के लिए एक व्यापक व ठोस रोडमैप है.
चरणबद्ध तरीके से बदले जाएंगे पेट्रोल-डीजल वाहन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर
इस नई नीति के तहत दिल्ली में बेहद योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह नए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे आम लोगों का ईंधन पर होने वाला भारी-भरकम खर्च भी बचेगा. इस नीति को अंतिम रूप देने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स, परिवहन विभाग, उद्योग जगत और पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ लंबा मंथन किया गया है ताकि यह आम जनता के लिए बेहद सुविधाजनक हो. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी ईवी पॉलिसी को पूरी तरह सफल बनाने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क का होना सबसे जरूरी है. इसके लिए दिल्ली में आवश्यक जमीनों की पहचान का काम पूरा कर लिया गया है और बहुत जल्द पूरे शहर में बड़े स्तर पर चार्जिंग स्टेशनों का एक मजबूत जाल बिछाया जाएगा.
विभिन्न विभागों के मंत्रियों ने साझा किया विजन, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इस संबंध में बात करते हुए कहा कि यह नीति स्वच्छ परिवहन को गति देने वाली एक बेहतरीन पहल है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है. वहीं पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने जानकारी दी कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाले तमाम लाभ और सब्सिडी को सीधे तौर पर प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्यों से जोड़ा गया है, जो हॉटस्पॉट को खत्म करने और पौधारोपण जैसे अभियानों के साथ मिलकर दिल्ली की हवा को साफ करने का काम करेगी. इसके साथ ही दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस नीति के दोहरे फायदों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे जहां दिल्लीवासियों को सांस लेने के लिए साफ हवा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) के आयात पर देश की निर्भरता कम होगी, जिससे आत्मनिर्भर भारत के सपने को और ज्यादा मजबूती मिलेगी.






























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