क्या खाड़ी देशों पर निर्भरता होगी कम? इराक-तुर्किये ने किया बड़ा ऑयल डील
बगदाद। मध्य पूर्व में जारी रणनीतिक अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न समुद्री बाधाओं के बीच इराक ने अपने ऊर्जा निर्यात को सुरक्षित करने के लिए बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। इराक और तुर्किये ने शनिवार को एक वर्ष की अवधि के लिए एक महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत इराक तुर्किये के भूमध्यसागरीय जेहान बंदरगाह तक पाइपलाइन के माध्यम से कच्चे तेल की आपूर्ति करेगा, जिससे खाड़ी के जोखिम भरे जलमार्गों पर उसकी निर्भरता में बड़ी कमी आएगी।
इराक और तुर्किये के बीच ऊर्जा समझौते के मुख्य प्रावधान
इराकी तेल मंत्रालय के अनुसार यह द्विपक्षीय समझौता एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा, जिसके दौरान दोनों देश ऊर्जा, बिजली और जल प्रबंधन के क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी का ढांचा तैयार करेंगे। इस समझौते के अंतर्गत किर्कुक-जेहान पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन कम से कम 7.5 लाख बैरल इराकी कच्चे तेल का निर्यात तुर्किये के बंदरगाह तक किया जाएगा। यह व्यवस्था इराक के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने के लिए एक विश्वसनीय और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट के कारण बढ़ी पाइपलाइन की अहमियत
हालिया महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े क्षेत्रीय तनाव के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। युद्ध से पूर्व इराक अपने कुल 35 लाख बैरल प्रतिदिन के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात दक्षिणी बंदरगाहों और होर्मुज मार्ग से करता था। वर्तमान में यह निर्यात घटकर महज 2 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था, ऐसे में नई पाइपलाइन व्यवस्था से निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।
विवादों के बाद पुन: सक्रिय हुई इराक-तुर्किये पाइपलाइन
इराक-तुर्किये पाइपलाइन वर्ष 2023 से कुर्द प्रांतीय सरकार के साथ कानूनी और व्यापारिक विवादों के कारण काफी हद तक बंद पड़ी हुई थी। हाल के समय में सीमित परिचालन के बाद अब इस नए समझौते से पाइपलाइन का पूर्ण क्षमता के साथ उपयोग संभव हो सकेगा। इराक के प्रधानमंत्री ने इसे एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इससे बिना किसी रुकावट के तेल आपूर्ति जारी रहेगी और दोनों पड़ोसी देशों के आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
भविष्य की बुनियादी ढांचा और पाइपलाइन परियोजनाएं
हाल ही में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों में सुरक्षा, व्यापार, परिवहन और साझा अवसंरचना पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त एक नई महत्वाकांक्षी पाइपलाइन परियोजना पर भी मंथन चल रहा है, जो दक्षिणी इराक के बसरा से शुरू होकर पश्चिमी इराक के हदीथा तक जाएगी और वहां से तुर्किये तथा सीरियाई बंदरगाहों से जोड़ी जाएगी। इराक, जिसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह तेल राजस्व पर टिकी है, अपने निर्यात नेटवर्क का विविधीकरण कर वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में जुटा है।






























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