-सलामतपुर ​त्रिमूर्ति चौराहे पर हुआ हादसा, घायलों को सांची सिविल अस्पताल में कराया गया भर्ती​

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र।)

मंगलवार दोपहर क्षेत्र के व्यस्ततम त्रिमूर्ति चौराहे नेशनल हाइवे 146 पर एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का कहर देखने को मिला। विदिशा से रायसेन की ओर जा रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

​घटना के तुरंत बाद आसपास के स्थानीय नागरिकों की भीड़ जमा हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों ने आनन-फानन में पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों घायल युवकों को नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के लिए सांची सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

तेज रफ्तार ट्रक चालक घटना के बाद वाहन छोड़ फरार--मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त ट्रक (नंबर एमपी04 जेडएक्स 5644) विदिशा की तरफ से अत्यधिक तेज रफ्तार में आ रहा था। रायसेन मार्ग की ओर बढ़ते समय त्रिमूर्ति चौराहे पर उसने लापरवाही से वाहन चलाते हुए सामने से आ रही मोटरसाइकिल (एमपी04 वीए 4104) को सीधी टक्कर मार दी।टक्कर मारते ही चालक स्थिति बिगड़ती देख मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही सांची थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की प्राथमिक विवेचना शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।

आरटीओ और यातायात पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल--भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 और नेशनल हाईवे 146 पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री बसें, डंपर, डीजल टैंकर,ट्रक और व्यावसायिक वाहन दौड़ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सांची पुलिस और रायसेन आरटीओ द्वारा दीवानगंज, सलामतपुर, त्रिमूर्ति चौराहा और सांची में आए दिन चेकिंग पॉइंट तो लगाए जाते हैं, लेकिन इन बेलगाम और ओवरस्पीड वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

स्थानीय नागरिकों का आरोप--"पुलिस और आरटीओ विभाग केवल औपचारिकता और जांच के नाम पर खानापूर्ति करता है। बिना फिटनेस और परमिट के दौड़ रहे इन भारी वाहनों की चेकिंग करने के बजाय सिर्फ वसूली पर ध्यान दिया जाता है, जिससे चालकों के हौसले बुलंद हैं।"

भोपाल-विदिशा हाईवे बना डेंजर जोन, प्रतिदिन गुजरते हैं 1000 से अधिक ट्रक--

​भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 और नेशनल हाइवे 146 पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 1000 से अधिक ट्रक गुजरते हैं। वहीं भोपाल और विदिशा से लेकर रीवा, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, बीना, ललितपुर और झांसी से इंदौर जाने वाली चार्टर्ड बसें अंधी रफ्तार में दौड़ती हैं। इसके अलावा ईंट ढोने वाले डंपर, 407 और टैंकरों की लापरवाही के कारण आए दिन निर्दोष लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

स्थानीय निवासियों की जिला प्रशासन से मांग, नहीं रुकी लापरवाही तो होगा बड़ा आंदोलन--​क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि इस मार्ग पर चलने वाले सभी कमर्शियल वाहनों, बसों और डंपरों की गति सीमा तय की जाए और नियमित रूप से परमिट एवं फिटनेस जांच की जाए। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन अनियंत्रित वाहनों पर लगाम नहीं लगाई, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28