सुनेत्रा पवार का बयान: अजित पवार के विकास एजेंडे को आगे ले जाएंगे, बारामती में मुकाबला तेज
पुणे। महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट (Baramati assembly seat) पर होने वाले उपचुनाव (By-election) को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Deputy Chief Minister Sunetra Pawar) ने सोमवार को नामांकन दाखिल करते हुए साफ किया कि वह अपने दिवंगत पति अजित पवार द्वारा किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
नामांकन के दौरान एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहे, जिनमें सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और हसन मुश्रीफ शामिल थे। इसके अलावा शिवसेना के नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले भी उनके समर्थन में नजर आए। ये सभी महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं, जो वर्तमान में राज्य की सत्ता में है।
जनता से भावुक अपील
नामांकन के बाद सुनेत्रा पवार ने बारामती की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने वर्षों तक अजित पवार का साथ दिया, उसी तरह उन्हें भी समर्थन दें। उन्होंने कहा कि अजित पवार का जाना सिर्फ उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र का विकास प्रभावित नहीं होगा, किसानों को पानी मिलता रहेगा और महिलाओं की सुरक्षा सहित शहर के विकास कार्य जारी रहेंगे।
परिवार और विरासत का जिक्र, कांग्रेस भी मैदान में
सुनेत्रा पवार ने अपने ससुर और वरिष्ठ नेता शरद पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि से आती हैं और बारामती की जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस सीट से आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया है। सत्ताधारी गठबंधन चाहता था कि चुनाव निर्विरोध हो, लेकिन कांग्रेस ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और इसे अपना अधिकार बताया है।
बयानबाजी से बढ़ा सियासी तापमान
चुनाव को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बयानबाजी भी देखने को मिल रही है। एनसीपी नेता पार्थ पवार ने कहा कि कांग्रेस को इस फैसले का परिणाम भुगतना पड़ेगा। इस पर शरद पवार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे बयान देने के लिए परिपक्वता जरूरी है और कांग्रेस को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है। कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए पार्थ पवार पर निशाना साधा और उन्हें ‘अकृतज्ञ बेटा’ तक कह दिया।
हादसे के बाद बना उपचुनाव का कारण
दरअसल, 28 जनवरी को एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था, जिसके चलते यह उपचुनाव कराया जा रहा है। इसके बाद 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाया गया। अब वह इसी सीट से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

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