रायपुर :  दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं को भी मजबूती मिल रही है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कन्हाईबंद की निवासी सावित्री यादव इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में उनका जीवन अत्यंत कठिन परिस्थितियों में व्यतीत हो रहा था। भूमिहीन होने के कारण उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था और वे पूर्णतः मजदूरी कार्य पर निर्भर थीं। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु प्रभावी एवं संवेदनशील पहल की जा रही है। साथ ही श्रमवीरों एवं भूमिहीन कृषि मजदूरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता था, लेकिन योजना के तहत प्राप्त होने वाली वार्षिक सहायता राशि ने उनके जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। अब वे इस राशि का उपयोग घरेलू खर्चों एवं अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। सावित्री यादव ने कहा कि यह योजना उनके जैसे भूमिहीन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास एवं सुरक्षा की भावना भी विकसित की है।