सावधान! चीनी की अधिक मात्रा बढ़ा सकती है हार्ट डिजीज का खतरा
हृदय रोग मौजूदा समय में सबसे तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक हैं। ये दुनियाभर में होने वाली मौतों का भी एक बड़ा कारण है। बच्चे, युवा, बुजर्ग सभी को इसका शिकार पाया जा रहा है। डॉक्टर जीवनशैली की दिक्कतों, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी को इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार मानते हैं। भारतीय आबादी में भी ये बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। भारत में भी हर साल लाखों लोग दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं और बड़ी संख्या में इससे लोगों की मौत भी हो रही है।विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और तनाव जैसी स्थितियां दिल की सेहत पर सीधा असर डालती हैं। इसके अलावा जो लोग नमक का सेवन ज्यादा करते हैं उनमें दिल की बीमारियों का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। जरूरत से ज्यादा नमक दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचता है और ब्लड प्रेशर बढ़ाकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है।
पर क्या आप जानते हैं कि अकेले नमक ही दिल का दुश्मन नहीं है, ज्यादा चीनी खाने से भी हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।
ज्यादा चीनी खाते हैं तो हो जाइए सावधान
डॉक्टर कहते हैं, दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। इसमें नमक की मात्रा सीमित रखें, ताजे फल-सब्जियों का सेवन अधिक करें। इसके साथ चीनी वाली चीजें भी खाना कम कर दें। ज्यादा चीनी खाने को आमतौर पर डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाला माना जाता रहा है, पर ये आदत आपके हार्ट के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है।
- विशेषज्ञ मानते हैं कि पैकेज्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक और मिठाइयों में छिपी चीनी सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
- ज्यादा चीनी खाने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होती है, जिससे मोटापा बढ़ता है।
- कई अध्ययनों में ये साफ होता है कि मोटापा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का बड़ा कारण है।
ज्यादा चीनी खाने से हृदय रोगों का भी खतरा
अध्ययनों के अनुसार, ज्यादा चीनी खाने से दिल की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ता है। जब शरीर में अतिरिक्त चीनी जाती है, तो वह ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में जमा होने लगती है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और गुड कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यह स्थिति दिल की धमनियों में फैट जमा करने लगती है जिससे दिल तक खून का संचार ठीक तरीके से नहीं हो पाता है।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट बताती है कि जो लोग ज्यादा मात्रा में चीनी या इससे बनी चीजें खाते हैं उनमें इंफ्लेमेशन की समस्या होने का खतरा अधिक होता है।
- चीनी रक्त वाहिकाओं में क्रॉनिक सूजन पैदा करती है, जिससे उन्हें नुकसान होता है और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
- इसके अलावा ज्यादा चीनी खाने से दिल की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता है जिससे हार्ट की पंपिंग क्षमता प्रभावित हो सकती है।
क्या है डॉक्टर की सलाह?
एक वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अमित सचान बताते हैं कि दिल को सेहतमंद रखना है तो सिर्फ नमक कम करने से काम नहीं चलेगा, आहार से चीनी वाली चीजों की मात्रा भी कम कर दीजिए। लंबे समय तक अधिक चीनी का सेवन करने से कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट फेलियर तक का खतरा बढ़ सकता है।
मीठे पेय पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिक्स, सोडा, पैकेट वाले जूस में भी चीनी की अधिक मात्रा होती है, इनका सेवन भी कम करना चाहिए।
दिल के अलावा लिवर को भी खतरा
मीठे पेय पदार्थ कई तरह से हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।ये ड्रिंक्स लंबे समय में शरीर के अंदर खोखला बना सकते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह के पेय पदार्थ हृदय के अलावा लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला पाए गए हैं। मीठे ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज की मात्रा अधिक होती है, ये मुख्य रूप से लिवर में प्रोसेस होता है। जब आप इसका बहुत ज्यादा सेवन करते हैं, तो लिवर पर दबाव बढ़ता है जिससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

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