एग्जाम के दबाव में बच्चों का बड़ा कदम, घर छोड़ हरिद्वार पहुंचे, पुलिस ने खोज निकाला
नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में नाबालिगों के घर छोड़ने की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। छोटी-छोटी बातों, परीक्षा के दबाव और घरेलू समस्याओं से परेशान होकर बच्चे घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अलग-अलग मामलों में चार नाबालिगों को ढूंढकर सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा है। हाल ही में बवाना इलाके का 17 वर्षीय किशोर 12वीं की बोर्ड परीक्षा छूटने के डर से 18 मार्च को घर छोड़कर चला गया था। वह हरिद्वार पहुंच गया, जहां कुछ दिन बिताने के बाद दिल्ली लौटा, लेकिन घर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में उसने बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्टरी में काम शुरू कर दिया। पुलिस की एएचटीयू टीम ने उसे ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया।इसी तरह बुराड़ी की 17 वर्षीय किशोरी घरेलू विवाद के कारण घर छोड़कर देवघर चली गई थी। पुलिस ने उसे लेबर चौक के पास से बरामद किया। वहीं एक अन्य किशोरी माता-पिता के तलाक से परेशान होकर घर छोड़कर सुल्तानपुरी में रिश्तेदार के यहां रहने लगी थी, जिसे भी पुलिस ने खोज निकाला। वजीराबाद की 16 वर्षीय लड़की एक युवक के साथ संबंध के चलते घर से निकलकर वैष्णो देवी पहुंच गई थी, जहां दोनों ने शादी कर ली। पुलिस ने उन्हें करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास से ढूंढ निकाला।

1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?