मेरठ मर्डर केस: 110 मिनट तक साथ रहे प्रेमी साहिल और मुस्कान, कोर्ट ले जाते समय हुई मुलाकात।
मेरठ| मेरठ सौरभ हत्याकांड: जेल में मुस्कान का उपवास और साहिल को सजा का डर मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान पिछले तीन दिनों से जेल में उपवास पर थी। न्यायालय में पेशी की सूचना मिलने के बाद उसने अपनी धार्मिक गतिविधियों और पूजा-पाठ का समय भी बढ़ा दिया है। जेल प्रशासन के अनुसार, अब दोनों मुख्य आरोपियों को कानून के शिकंजे और संभावित सजा का भय सताने लगा है।
जेल अधीक्षक से कानूनी मदद पर सवाल जेल में बंद मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से कानूनी प्रक्रिया को लेकर लंबी चर्चा की। दोनों ने यह जानने की उत्सुकता दिखाई कि यदि न्यायालय उनके विरुद्ध निर्णय सुनाता है और उन्हें सजा हो जाती है, तो भविष्य में उनकी पैरवी कौन करेगा? उन्होंने सजा होने की स्थिति में ऊपरी अदालत में अपील की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी मांगी।
सरकारी वकील और कानूनी सहायता का विकल्प जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि वे उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में अपील करना चाहते हैं, तो सरकार की ओर से उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता और सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएगा।
जेल में अलग-अलग दिनचर्या जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान अपना अधिकांश समय भजन-कीर्तन और भक्ति में व्यतीत कर रही है, विशेषकर पेशी की तारीख करीब आने पर उसकी धार्मिक सक्रियता बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर, आरोपी साहिल जेल परिसर में कृषि कार्य (सब्जी उगाने) में व्यस्त रहता है। सामान्यतः दोनों का आमना-सामना नहीं होता, लेकिन मंगलवार को कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों को एक ही वाहन में ले जाया गया, जहां वे करीब 1 घंटा 50 मिनट तक साथ रहे।

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