मेहनत लाई रंग, छात्रों ने हासिल की बड़ी सफलता
मेधावियों का सम्मान: सनातन धर्म स्कूल के छात्रों ने लहराया परचम
जबलपुर| सफलता के लिए संघर्ष जरूरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि जीवन के उतार-चढ़ाव ही व्यक्ति को सफलता के असली मूल्य का एहसास कराते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि परीक्षा परिणाम केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। यदि परिणाम अपेक्षा के अनुरूप न भी हों, तो निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने ईमानदारी और कड़ी मेहनत को ही कामयाबी का मूल मंत्र बताया।
परिणामों में बेटियों का दबदबा इस वर्ष विद्यालय का परीक्षा परिणाम शानदार रहा, जिसमें छात्राओं ने विशेष सफलता प्राप्त की। कक्षा 12वीं के वाणिज्य संकाय में श्रद्धा कुशवाहा ने 94.6% अंकों के साथ टॉप किया। विज्ञान संकाय में अश्विनी बेन (89.2%) और कला संकाय में धनेश्वरी सेन (75.4%) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 10वीं की मेरिट सूची में मुस्कान सूर्यवंशी 95.4% अंकों के साथ अव्वल रहीं, जबकि कपिल मिश्रा (92.6%) और शालू घोषी (91.8%) ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। विद्यालय के कुल 40 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक अर्जित कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
प्रबंधन द्वारा छात्रवृत्ति की घोषणा समारोह में प्राचार्या मौलश्री दुबे और उपाध्यक्ष डी.आर. सेठी ने परिणामों का विश्लेषण कर शैक्षणिक स्टाफ के प्रयासों की सराहना की। मेधावी छात्रों को मिठाई और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की कि होनहार विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में सहायता के लिए उन्हें नियमित मासिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई आर्थिक बाधा न आए।

1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?