रूस का दावा: यूक्रेन संकट के पीछे पश्चिम की रणनीति
सर्गेई लावरोव का कड़ा प्रहार: "यूक्रेन के बहाने रूस के खिलाफ सीधा युद्ध लड़ रहा है पश्चिम"
यूक्रेन| रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिमी शक्तियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अब यूक्रेन संघर्ष केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि रूस के विरुद्ध एक 'खुला युद्ध' बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश यूक्रेन को एक ढाल के रूप में इस्तेमाल कर अपना असली एजेंडा चला रहे हैं।
"पश्चिमी मदद के बिना कीव का टिकना असंभव"
रूसी गैर-सरकारी संगठनों के साथ एक संवाद के दौरान लावरोव ने यूक्रेन की वर्तमान स्थिति पर तीखी टिप्पणी की:
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मोहरे की तरह इस्तेमाल: उन्होंने कहा कि कीव प्रशासन पश्चिमी देशों के लिए 'भाले की नोक' की तरह काम कर रहा है।
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पूर्ण निर्भरता: लावरोव के अनुसार, पश्चिमी हथियारों, सैटेलाइट डेटा, खुफिया सूचनाओं और भारी आर्थिक सहायता के बिना यूक्रेन की सैन्य क्षमता समाप्त हो चुकी होती।
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यूरोपीय सैन्य तैयारी: उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ यूरोपीय सैन्य अधिकारी अब सार्वजनिक रूप से रूस के खिलाफ सीधे टकराव की बात करने लगे हैं।
यूरोप से बढ़ता वैश्विक खतरा
रूसी विदेश मंत्री ने इतिहास का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि आधुनिक काल में यह तीसरी बार है जब पूरी दुनिया के लिए खतरा यूरोप की धरती से पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की नीतियां अंतरराष्ट्रीय शांति को दांव पर लगाकर अस्थिरता को बढ़ावा दे रही हैं।
धार्मिक दमन का उठाया मुद्दा
लावरोव ने यूक्रेन में 'यूक्रेनी ऑर्थोडॉक्स चर्च' के साथ हो रहे व्यवहार की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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चर्चों पर अवैध कब्जे और तोड़फोड़ की जा रही है।
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धर्मगुरुओं और श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिसके तहत 180 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
यूरोपीय संघ का बड़ा दांव: 90 अरब यूरो का सहायता पैकेज
तनाव के बीच यूरोपीय संघ (EU) ने यूक्रेन के लिए एक विशाल सहायता राशि की घोषणा की है:
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वित्तीय मदद: कुल 90 अरब यूरो के पैकेज को मंजूरी दी गई है।
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रक्षा आवंटन: इसमें से 60 अरब यूरो सैन्य उपकरणों की खरीद और रक्षा उत्पादन बढ़ाने के लिए रखे गए हैं।
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प्रतिबंध: साथ ही रूस पर 20वें दौर के प्रतिबंधों को लागू किया गया है, ताकि मॉस्को की आर्थिक और सैन्य शक्ति को कमजोर किया जा सके।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने स्पष्ट किया कि यूरोप, यूक्रेन के समर्थन से पीछे हटने वाला नहीं है।
अमेरिका पर संसाधनों की लूट का आरोप
लावरोव ने अमेरिका की विदेश नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि वाशिंगटन लोकतंत्र के नाम पर केवल तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने ईरान और वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका अपने ऊर्जा हितों के लिए किसी भी देश की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की क्षमता रखता है।
कूटनीति का नया मोर्चा: पाकिस्तान में वार्ता
इसी गहमागहमी के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक हलचल भी देखने को मिली है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के पाकिस्तान पहुंचने की पुष्टि हुई है। वहां वे ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस गुप्त वार्ता का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया का तनाव और परमाणु मुद्दे हो सकते हैं।

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