पानी की मोटर सुधरवाने आए किसान की बाइक में कार ने मारी टक्कर, घायल
-त्रिमूर्ति चौराहा सलामतपुर की घटना, पुलिस ने घायल को पहुंचाया अस्पताल
-वाहनों की तेज रफ्तार बन रही है दुर्घटनाओं का कारण
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
वाहनों की तेज़ रफ़्तार की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में त्रिमूर्ति चौराहे पर एक तेज़ रफ़्तार काले रंग की कार ने मोटरसाइकिल चालक को टक्कर मार दी। जिसकी वजह से चालक मोटरसाइकिल से नीचे गिर गया और गंभीर घायल हो गया। डायल 112 पर सलामतपुर पुलिस को दुर्घटना का इवेंट मिला। जानकारी मिलते ही थाने से आरक्षक सौरभ रघुवंशी और डायल 112 का पायलेट मौके पर पहुंचे। घायल प्रेम सिंह ठाकुर पिता भंवरलाल निवासी खामखेड़ा को तत्काल सांची सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर घायल प्रेम सिंह का प्राथमिक उपचार किया गया। वहीं पुलिस ने बताया कि प्रेम सिंह ठाकुर अपने घर खामखेड़ा से त्रिमूर्ति चौराहा ओर पानी की मोटर सुधरवाने के लिए गए थे। दुकान पर मोटर डालकर वापस घर आते समय उनकी मोटरसाइकिल में तेज व लापरवाही से काले रंग की।कार चला रहे अज्ञात व्यक्ति ने टक्कर मार दी। और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
तेज़ रफ़्तार के चलते हो रहे हैं हादसे, यातायात विभाग नही करता कार्रवाई---भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 और नेशनल हाइवे 146 पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में बसें और अन्य छोटे बड़े वाहन नियम विरुद्ध दौड़ रही हैं। जिनका आरटीओ द्वारा कभी भी फिटनेस या परमिट चेक नहीं किया जाता है। इन यात्री बसों के संचालकों द्वारा यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि रायसेन आरटीओ प्रतिदिन सलामतपुर, दीवानगंज, त्रिमूर्ति चौराहा, सांची आदि जगहों पर चेकिंग कर रहे हैं। लेकिन उनको ये तेज़ रफ़्तार कार, बड़े वाहन, लंबी दूरी की बसें और भोपाल विदिशा जाने वाली यात्री बसें नज़र नही आ रही हैं। जिसकी वजह से यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने कहा है कि अगर शीघ्र ही ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नही की गई तो इस तरह की गंभीर दुर्घटनाएं होती रहेंगी।स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से भी मांग की है कि इन तेज़ रफ़्तार कार और बसों पर नियंत्रण किया जाए। अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रतिदिन हाइवे से निकलते हैं छोटे बड़े 10 हज़ार वाहन-----भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर यातायात का अत्यधिक दबाब रहता है। यहां से प्रतिदिन लगभग दस हज़ार वाहन निकलते हैं जिनमें लगभग दो सौ यात्री बसें भी शामिल हैं जो विदिशा, रीवा, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर ,बीना, ललितपुर , झाँसी, कानपुर, लखनउ और इंदौर जाने वाली चार्टेड बसें तो अंधी रफ़्तार से चलती ही हैं। इसके साथ ही भोपाल से विदिशा चलने वाली बसें, डंपर, ईंट, ढोने वाली 407 , डीजल टेंकर अंधी रफ़्तार से चलते हैं। जिससे इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाए होती रहती हैं। और यातायात विभाग इन वाहनों से सिर्फ चौध वसूली कर अपनी डियूटी पूरी कर लेता है। शासन प्रशासन को शीघ्र इस और ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
इनका कहना है।
भोपाल विदिशा हाइवे 18 और नेशनल हाइवे 146 पर आए दिन तेज़ रफ़्तार वाहनों की वजह से दुर्घटनाएं घटित होती है। यहां पर सुरक्षा के कोई भी उपाय एमपीआरडीसी विभाग द्वारा नही किये गए हैं। वहीं पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी इस और ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच ग्रा.पं. रातातलाई।
भोपाल विदिशा हाइवे पर अंधे मोड़ हादसों को दावत दे रहे हैं। यहां पर इन अंधे मोड़ की पूर्व सूचना देने के लिए कोई भी माइल स्टोन या संकेतक नही लगाए गए हैं। जिससे वाहन चालकों को मोड़ आने से पहले पता चल सके। जबकि हाइवे पर प्रतिदिन 10 हज़ार से अधिक वाहन निकलते हैं। रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से समस्या के निराकरण की मांग की गई है।
मूलचंद यादव, पूर्व सरपंच सुनारी सलामतपुर।

MPL ऑक्शन का आगाज, इंदौर में पहली बार खिलाड़ियों पर दांव
मामूली रकम बनी जानलेवा, उधार मांगने पर किसान की हत्या