-हाइवे 18 पर सड़क के बीचों बीच बैठ रहे मवेशियों के कारण रोज़ हो रहे हैं हादसे, ज़िम्मेदार बेखबर

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

हाइवे 18 सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं जो आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में सलामतपुर थाना क्षेत्र के मुक्तापुर गांव के सामने हाइवे 18 पर रात में बीच सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने के चक्कर में भोपाल से विदिशा की और किराना सामग्री लेकर जा रहा ट्रक दस फिट गहरी खाई में उतर गया। हालांकि ड्राइवर क्लीनर समय रहते कूद गए थे जिसकी वजह से उन्हें मामूली सी चोटें हीं आई है। वहीं क्रेन मशीन की सहायता से ट्रक को खाई ने निकाला गया। इस दौरान भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर जाम के हालात भी बने। क्योंकि क्रेन मशीन बीच सड़क पर खड़ी होकर ट्रक को उठा रही थी। गौरतलब है कि 6 सितंबर को भी मवेशियों के कारण एक हादसा हुआ था जिसमें चार दोस्त घर से पार्टी मनाने बेरखेड़ी चौराहा आए थे। ये चार दोस्त एक ही मोटरसाइकिल एमपी40 ज़ेडसी 3496 पर सवार थे। वापस घर जाते समय हलाली डेम के रास्ते में सड़क पर बैठे  मवेशी से मोटरसाइकिल टकरा गई थी। जिसकी वजह से मोटरसाइकिल चला रहे करण राउत आदिवासी पिता जालम सिंह आदिवासी उम्र 22 वर्ष निवासी पिपरिया अजित करारिया जिला विदिशा को 108 एम्बुलेंस से सांची अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। वहीं मोटरसाइकिल पर बैठे तीन अन्य युवक मोहित, आकाश और विकास घायल हो गए। जिनका उपचार सांची के सिविल अस्पताल में हुआ था।8 सितंबर को एनएच 146 पग्नेश्वर सड़क पर मवेशियों के करण पलटा था यूरिया का ट्रक--ऐसा ही एक मामला 8 सितंबर रविवार को भी देखने को मिला था। जहां एक ट्रक मंडीदीप से यूरिया खाद लेकर विदिशा जा रहा था तभी एनएच 146 पग्नेश्वर के पास सड़क पर बैठे हुए मवेशियों को बचाने के चक्कर में ट्रक चालक ने टर्न लिया जिससे ट्रक की कमानी टूट गई और ट्रक अनियंत्रित होकर झोल खाकर पलट गया। हालांकि इस हादसे में ड्राइवर क्लीनर ने कूदकर अपनी जान बचा ली थी। इसलिए उन्हें कोई चोट नहीं आई है। वहीं दूसरे ट्रक में यूरिया खाद भर कर ट्रक को खाली किया गया। और क्रेन मशीन की मदद से ट्रक को सीधा किया गया था।

गौवंश को हटाने तैनात किए पेट्रोलिंग वाहन मौके से रहते हैं नदारत--सवाल अभी यह उठता है कि जब गोवंश को हाईवे से हटाने के लिए पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं तो इसके बाद भी मवेशियों के झुंड सड़कों पर ही कैसे बैठे हैं। आखिर पेट्रोलिंग वाहन कहां है। एक ही रात में एक ही स्थान पर हुई दो दुर्घटनाओं ने एक बार फिर हाईवे पर मवेशियों की उपस्थिति और उसकी वजह से बढ़ रही दुर्घटनाओं की ओर ध्यान खींचा है। सरकार द्वारा पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए जाने के बावजूद मवेशी लगातार सड़कों पर मौजूद रहते हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। सवाल यह उठता है कि पेट्रोलिंग वाहन कहां हैं, और क्या वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं? स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

इनका कहना है।

भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 के मुक्तापुर गांव के सामने सड़क पर बैठे मवेशियों की वजह से हादसा हो गया। जिसमें एक किराना सामग्री लेकर विदिशा की और जा रहा ट्रक सड़क के नीचे जाकर पलट गया। वो तो गनीमत रही कि ड्रायवर क्लीनर ने कूदकर अपनी जान बचा ली। वरना गंभीर हादसा हो सकता था।

संग्राम सिंह, स्थानीय ग्रामीण।

में किराना सामग्री लेकर विदिशा की और जा रहा था। मेरा ट्रक भोपाल विदिशा स्टेट हाईवे 18 स्थित मुक्तापुर में देर रात 3 बजे सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने के चक्कर में रोड से नीचे उतरकर 10 फीट गहरी प खाई में जाकर उतर गया। मेने और क्लीनर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

राजेश साहू, ट्रक ड्राइवर

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28