-हाइवे 18 पर सड़क के बीचों बीच बैठ रहे मवेशियों के कारण रोज़ हो रहे हैं हादसे, ज़िम्मेदार बेखबर

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर दीवानगंज पीएम श्री स्कूल के सामने बुधवार सुबह 5:30 के आसपास बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, इंदौर से टमाटर लेकर गंजबासौदा जिला विदिशा जा रहा लोडिंग मैजिक वाहन सड़क पर बैठी गाय को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो गया। वाहन सड़क से नीचे उतरते हुए 11 केवी बिजली के खंभे से जा टकराया। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं चालक की जान बाल-बाल बची। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे पर अक्सर मवेशियों के आने से इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही सलामतपुर थाना क्षेत्र के मुक्तापुर गांव के सामने हाइवे 18 पर एक ही रात में दो हादसे इन मवेशियों की वजह से हुए हैं। पहला हादसे में रात्रि 11 बजे से 12 बजे के बीच एक मारुति वैगनआर एमपी04 ईसी 9166 कार जो विदिशा की और से भोपाल की और जा रही थी। रास्ते में मुक्तापुर पेट्रोल टैंक के सामने सड़क पर बैठी हुई गायों को बचाने के चक्कर में सड़क किनारे से खड़ी हुई जेसीबी मशीन में घुस गई। जिसकी वजह से चालक अहमद खान पिता गफ्फार खान और साथ में बैठी महिला शामया बी को चोटें आ गईं जिन्हें विदिशा के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। दूसरा हादसा समय मुक्तापुर गांव के सामने सिंगरौली से लोहे का कबाड़ लेकर इंदौर जा रहा 18 पहियों वाला ट्राला भोपाल विदिशा स्टेट हाईवे 18 स्थित मुक्तापुर में देर रात 3 बजे भोपाल की ओर से आ रही एक कार और सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने के चक्कर में रोड से नीचे उतरकर 10 फीट गहरी पानी से भरी हुई खंती में जाकर पलट गया, हालांकि ड्राइवर क्लीनर ने पानी में कूद गए थे जिसकी वजह से उन्हें मामूली सी चोटें आई है। 

 

मवेशियों के कारण आए दिन भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 स्टेट हाइवे 18 पर हो रहे हैं हादसे--हाइवे 18 और एनएच 146 पर मवेशी बालमपुर घाटी से लेकर भदभदा, देहरी, दीवानगंज, कुल्हाड़िया, बेरखेड़ी चौराहा, सलामतपुर, त्रिमूर्ति चौराहा, ढकना चौराहा सहित आमखेड़ा पर बड़ी संख्या में बैठे रहते हैं। रात के समय दिखाई नही देने पर सड़क हादसे हो रहे हैं। जिसमें मोटरसाइकिल सवार भी घायल हो रहे हैं। जबकि कुछ समय पहले ही प्रदेश सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया था। और इसी मामले पर मध्य प्रदेश शासन में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी कहा था कि पशुपालक अपने गाय पशुओं को खुला छोड़ देते हैं, जिससे सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। और गौ माताऔं की मौत हो जाती है। ‌इसे लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से डोंडी पिटवाकर लोगों को सूचित करें कि गौ माता की रक्षा करना हमारा प्रथम कर्तव्य है। इसलिए उन्हें खुला ना छोड़े, अगर फिर भी किसी ने खुला छोड़ा और पशुओं के कारण सड़क पर दुर्घटनाएं होती हैं तो संबंधित पशुपालकों पर कार्रवाई होगी। आदेश के बाद भी मवेशी सड़कों पर ही बैठे हैं। और हादसों का शिकार हो रहे हैं। 

लोगों की सुरक्षा को लेकर रायसेन जिले में बनाए गए थे 4 सेक्टर--

जिला पशु विभाग अधिकारी आरके शुक्ला से मिली जानकारी के अनुसार लोगों की सुरक्षा को लेकर रायसेन जिले में 4 सेक्टर बनाए गए थे। इसमें बिलखिरिया से टोल नाका सेहतगंज, दूसरा औबेदुल्लागंज मंडीदीप से टोल नाका विशन खेड़ा, तीसरा सुल्तानपुर जोड़ से खरगोन टोल नाका हरसिली, चौथा खरगोन से देवरी उदयपुरा यहां टोल नाका सेंटर बनाया गया है।संबंधित सेंटरों पर पेट्रोलिंग गाड़ियां रहेंगी। हाईवे पर कोई भी पशु बैठे पाए गए उन्हें तत्काल गौशाला या सुरक्षित जगह पहुंचाया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को विशेष तौर पर निर्देशित किया गया था कि संबंधित लोग अपने पशुओं को घरों में बांधकर रखें, इस कार्य में ग्राम पंचायतें, नगर पंचायतें, नगर पालिका प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। इतने निर्देश देने के बाद भी पशुपालक अपने पशुओं को बांधकर नहीं रखेंगे तो दुर्घटनाएं होने पर संबंधित पशु मालिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आदेशों के बाद भी पशु सड़कों पर ही बैठे हैं। और कोई कार्रवाई भी नही हो रही है।

इनका कहना है।

सांची जनपद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में गौशालाओं का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। उसके बाद भी पशु सड़कों पर बैठे हैं। और हादसों का शिकार हो रहे हैं। इन सब का जिम्मेदार कौन है। सरकार आदेश दे रही है कि मवेशी सड़कों पर बैठे तो संबंधित पशु मालिक पर कार्रवाई होगी लेकिन कई हादसे होने के बाद भी कोई कार्रवाई आज तक नही हुई है।

मूलचंद यादव, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत सुनारी सलामतपुर।

भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 और एनएच 146 पर मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। सलामतपुर सहित आसपास क्षेत्रों में पुलिस द्वारा माइक से एनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों से बोल दिया जाए कि जिस किसी के भी ये मवेशी हैं इनको अपने घर में ही रखें। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। तभी मवेशी मालिक मानेगें। नही तो आए दिन इसी तरह हादसे होते रहेंगे।

कैलाश गोस्वामी, समाजसेवी रातातलाई सलामतपुर।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ