फुट ओवरब्रिज छोड़ ट्रेन के नीचे से निकल रहे लोग,मौत को दे रहे चुनोती
-सलामतपुर स्टेशन पर लोगों की सहूलियत के लिए बनाया फुट ओवरब्रिज हो रहा है अनुपयोगी साबित
-स्थानीय रहवासी जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरियां कर रहे हैं क्रॉस
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सलामतपुर स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण इसलिए करवाया गया था कि लोग आसानी के साथ सुरक्षित तरीके से इस और दूसरी और जा सकें। ताकि उन्हें रेलवे पटरियां क्रॉस ना करना पड़े। लेकिन राजीवनगर ओर इंद्रानगर के लोग फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल नही करते हुए रेलवे पटरी क्रॉस करके आते जाते हैं। कई बार जब ट्रेक पर मालगाड़ी खड़ी रहती है तो यह लोग उसके नीचे से निकलते हैं। रेलवे पटरी पार करने के दौरान भी यह लोग रेलगाड़ी और मालगाड़ी के गुजरने का इंतजार तक नहीं करते। कई बार सिग्नल नहीं मिलने पर एक्सप्रेस और मालगाड़ी स्टेशन पर आकर खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में लोग 5 से 10 मिनिट तक रुकने की बजाए खड़ी ट्रेन के नीचे से निकलने में भी गुरेज नहीं करते हैं। जिसकी वजह से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं स्टेशन पर मौजूद ज़िम्मेदार अधिकारी भी इस और ध्यान नही दे रहे हैं।
कई ग्रामीण हो चुके हैं हादसे का शिकार----सलामतपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी हुई ट्रेन के नीचे से निकलने के दौरान राजीवनगर के कई ग्रामीण दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। उसके बाद भी स्थानीय ग्रामीण ट्रेन के नीचे से निकलना नही छोड़ रहे हैं। जबकि 2 ग्रामीण ट्रेन के नीचे से निकल रहे थे उसी समय अचानक ट्रेन चल पड़ी और वह ट्रेन के पहियों के नीचे आकर मौत के आगोश में समा गए। फिर भी इन लोगों ने सबक नही लिया। इस मामले में रेलवे विभाग भी ज़िम्मेदार है। क्योंकि वह इन लोगों को ट्रेन के नीचे से निकलने से नही रोकता है। जिसकी वजह से आए दिन ट्रेन दुर्घटनाएं हो रही हैं। अब स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रेक को दोनो और से बंद करने की मांग रेलवे विभाग से की है।
स्टेशन पर नही रहते आरपीएफ जीआरपी के जवान --सलामतपुर स्टेशन पर रेलवे पुलिस के आरपीएफ या जीआरपी के जवान मौजूद नही रहते हैं। जबकि यह स्टेशन दिल्ली मुंबई मेन रेलवे ट्रेक के बीच में पड़ने वाला स्टेशन है।यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जब कभी कोई ट्रेन से कट जाए या आत्महत्या कर ले। उस समय भी रेलवे पुलिस भोपाल या विदिशा से मोके पर आती है। जिसमें काफी समय लग जाता है। और इतने समय तक शव रेलवे लाइनों पर ही पड़ा रहता है। वहीं आसपास बस्तियों के ग्रामीण भी अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन के नीचे से निकलते हैं। इतना सब होने के बाद भी रेलवे विभाग का रवैया गैरज़िम्मेदाराना बना हुआ है।
इनका कहना है।
आदिवासी बस्ती के लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी क्रॉस करके नही निकलना चाहिए। जब कि रेलवे ने लोगों की सहूलियत को देखते हुए यहां पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी करा रखा है। उसके बाद भी यह लोग कभी पटरियां क्रॉस कर के तो कभी ट्रेन के नीचे से निकलते हैं। इस पर रोक लगना चाहिए।
रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच रातातलाई।
फुट ओवरब्रिज से चढ़कर निकलने में बहुत समय लगता है। इसलिय हम लोग रेलवे लाइन क्रॉस करके निकल जाते हैं। कभी कभी ट्रेन के नीचे से भी निकल जाते हैं। इससे हमारे समय की बचत होती है।
लीला आदिवासी, राजीवनगर।
नही रहते रेलवे पुलिस के जवान।
सलामतपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस के जवान मौजूद नही रहते हैं। जिसकी वजह से होने वाली घटना या दुर्घटना के समय पुलिस समय से नही पहुंच पाती है। शासन प्रशासन को इस और ध्यान देकर समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
हसन मंसूरी, स्थानीय निवासी।
