अदनान खान ​सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर स्थित दीवानगंज के शासकीय हायर सेकेंडरी पीएम श्री स्कूल के सामने रोजाना सैकड़ों मासूमों की जिंदगी दांव पर लग रही है। हाईवे पर बेधड़क दौड़ते तेज रफ्तार वाहनों के बीच स्कूल के छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने सड़क सुरक्षा के अभाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से स्कूल के सामने तत्काल गतिरोधक (स्पीड ब्रेकर) और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।

तेज रफ्तार बाइक ने 10वीं के छात्र को मारी टक्कर, चालक फरार----सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का एक दर्दनाक नमूना मंगलवार को देखने को मिला, जब ग्राम संग्रामपुर निवासी और कक्षा 10वीं के छात्र गुलशन अहिरवार (पिता राजू अहिरवार) स्कूल के सामने सड़क पार कर रहे थे। उसी दौरान एक बेकाबू रफ्तार मोटरसाइकिल ने छात्र को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में गुलशन गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बाइक सवार घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया।​इस घटना के बाद से ही क्षेत्रवासियों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन में भारी आक्रोश है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।

अंधी रफ्तार और प्रशासनिक अनदेखी: हाईवे पर नियमों की धज्जियां--भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 और नेशनल हाईवे-146 पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री बसें, डंपर, ईंट ढोने वाले 407 और डीजल टैंकर बेहद अंधी रफ्तार से दौड़ते हैं।विशेष रूप से विदिशा, भोपाल, रीवा, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, बीना, ललितपुर और झांसी से इंदौर जाने वाली चार्टर्ड बसें हाईवे पर नियमों को ताक पर रखकर निकलती हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस और रायसेन आरटीओ दीवानगंज, त्रिमूर्ति चौराहा और सांची में चेकिंग का दावा तो करते हैं, लेकिन इन बेलगाम कमर्शियल वाहनों और बसों पर कभी कोई फिटनेस या परमिट चेकिंग की कार्रवाई नहीं होती। पुलिस और यातायात विभाग की इस अनदेखी के कारण यात्रियों और राहगीरों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी--क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि पुलिस और यातायात विभाग ने केवल अवैध वसूली के बजाय वास्तव में ओवरस्पीडिंग वाहनों पर चालानी कार्रवाई शुरू नहीं की, तो स्थिति और बिगड़ेगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्टेट हाईवे पर गति नियंत्रक उपाय नहीं किए गए और कमर्शियल वाहनों की रफ्तार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

जिम्मेदारों की पुकार: तुरंत बनें गतिरोधक--

​"भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 और एनएच 146 पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। शासन-प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए ऐसे वाहनों पर सख्त चालानी कार्रवाई करनी चाहिए और दीवानगंज में स्कूल के सामने प्राथमिकता के आधार पर स्पीड ब्रेकर बनाना चाहिए।"

कैलाश गोस्वामी, समाजसेवी (रातातलाई)

पीएम श्री स्कूल दीवानगंज के सामने गतिरोधक और 'आगे स्कूल है' के संकेतक बोर्ड बनने से मासूम बच्चे हादसों का शिकार होने से बच सकेंगे। यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना बेहद जरूरी है।"

वहीद खान, वरिष्ठ पत्रकार।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28