हाइवे 18 बालमपुर घाटी पर गाय के बछड़े को घसीटकर ले जाते दिखा बाघ, क्षेत्र में दहशत का माहौल
-आसपास क्षेत्र में बाघ की आहट से बनी हुई है दहशत
-बाघ पहले भी 2 मवेशियों को बना चुका है अपना शिकार
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
भोपाल–विदिशा स्टेट हाईवे-18 की बालमपुर घाटी पर बाघ दिखाई देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो भोपाल–विदिशा स्टेट हाईवे 18 का है, जिसमें एक बाघ गाय के बछड़े को मुंह में दबाकर घसीटते हुए ले जाता नजर आ रहा है। वीडियो कथित रूप से स्थानीय राहगीर द्वारा बनाया गया है, जिसके सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यह इलाका भोपाल और विदिशा को जोड़ने वाला व्यस्त मार्ग है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी बालमपुर घाटी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है। वन विभाग द्वारा पूर्व में भी सतर्कता बरतने की अपील की गई थी। वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर राहगीरों और आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है।
आसपास क्षेत्र के गांवों में बनी हुई है बाघ की दहशत, दो मवेशी को बना चुका है शिकार---बालमपुर घाटी सहित आसपास क्षेत्र सहित सांची विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अंबाडी के गांव सत्ती में जंगल क्षेत्र में बाघ से दहशत का माहौल है। गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल में बाघ ने दो बैलों का शिकार कर चुका है। मृत बैलों की पहचान सफेद बैल लाल सिंह राम तथा लाल बैल लच्छू राम, दोनों निवासी ग्राम सत्ती के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों बैलों को कुछ दिन पहले सुबह करीब 5 बजे जंगल की ओर चरने के लिए छोड़ा गया था। सुबह लगभग 7 बजे ग्रामीणों ने जंगल में दोनों बैलों को मृत अवस्था में देखा। बैलों के शरीर पर बाघ के पंजों और जबड़े के स्पष्ट निशान पाए गए, ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी क्षेत्र में बाघ को देखा जा चुका है और कई मवेशी उसका शिकार बन चुके हैं। लगातार घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। पीड़ित पशुपालकों को इस घटना से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, बाघ की निगरानी करने तथा पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
क्षेत्र में तेंदुए का भी बना हुआ है मूवमेंट, अब तक 30 मवेशियों पर कर चुका हैं हमला--पश्चिम वन क्षेत्र के ग्राम कायमपुर, नरखेड़ा, कुल्हाड़िया और सत्ती गांव सहित आसपास क्षेत्र में तेंदुए के बढ़ते आतंक से भी ग्रामीण परेशान और भयभीत हैं। गांव में तेंदुआ लगातार मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है। पिछले एक साल में तेंदुआ अब तक 30 मवेशियों पर हमला कर चुका है। कुछ दिन पूर्व भी एक ग्रामीण के घर के पीछे बंधे गाय के बछड़े पर तेंदुए ने हमला किया था। यह घटना रात करीब 2 बजे की थी। तेंदुए के हमले से बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया था और जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए उसकी मौत हो गई थी। बताया कि एक साल पहले भी उनके एक अन्य बछड़े को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। यह दूसरी बार था जब उनके मवेशी पर तेंदुआ ने हमला किया। गांव के लोग तेंदुए के डर से रातों में बाहर निकलने से डरते हैं। एक साल से तेंदुए के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं ।ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और मवेशियों को बचाया जा सके।

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