-ग्रामीण छात्रों की शिक्षा तक पहुँच होगी सुनिश्चित

सत्येंद्र जोशी रायसेन। (IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

अवादा फाउंडेशन ने आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को समग्र शिक्षा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, सरस्वती विद्या मंदिर, गोपालपुर, रायसेन, मध्य प्रदेश को एक 42-सीटर स्कूल बस भेंट की है। इस बस से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों की उन बालिकाओं के लिए शिक्षा अधिक सुलभ बन सकेगी, जिन्हें अपर्याप्त परिवहन के कारण स्कूल पहुँचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। अवादा फाउंडेशन की निदेशक रितु पटवारी ने बस की चाबी स्कूल प्रधानाचार्य को सौंपी। और बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक और अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल हुए, जिन्होंने ग्रामीण भारत में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए अवादा फाउंडेशन के निरंतर प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर बोलते हुए, रितु पटवारी ने कहा: “हमारी मध्य प्रदेश की भूमि वीरांगनाओं और ज्ञानियों की धरती है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई और रानी कमलापति का जीवन हमें बताता है कि हमें अपनी शक्ति को पहचानना होगा। याद रखिए, आप भारत का भविष्य हैं। भारत को 'विश्व गुरु' बनाने का सपना आपके सहयोग के बिना अधूरा है। आइए, आज हम सब यह संकल्प लें कि हम अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करेंगे और एक ऐसे सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत का निर्माण करेंगे, जिस पर पूरी दुनिया गर्व कर सके।”

यह नव-भेंट की गई बस आसपास के आदिवासी गाँवों के बच्चों को लाभान्वित करेगी, जिससे परिवहन चुनौतियों के कारण स्कूल छोड़ने वालों की संख्या को कम करने और नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। अवादा फाउंडेशन आदिवासी और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के बीच शिक्षा के लिए निरंतर काम कर रहा है। इस साल की शुरुआत में, फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश के डोंगला और बैतूल में स्कूलों को दो 42-सीटर बसें प्रदान की थीं, और इस सप्ताह के अंत में बनखेड़ी एवं होशंगाबाद में भी दो और बसें प्रदान करने की योजना है।

अवादा फाउंडेशन विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मध्य प्रदेश के समग्र विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। इसमें उज्जैन के डोंगला में कर्क रेखा पर एक अत्याधुनिक तारामंडल की स्थापना एवं खंडवा में एक छात्रावास और वेद विद्यालय का निर्माण शामिल है।फाउंडेशन मध्य प्रदेश के आगर मालवा क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण के लिए भी सक्रिय है। फाउंडेशन ने महिलाओं को शर्ट सिलने वाली आधुनिक औद्योगिक मशीनों पर प्रशिक्षित करके उन्हें सीधे 'शर्ट इंडस्ट्री' से जोड़ा है और रोज़गार उपलब्ध कराया है। इसके अतिरिक्त, फाउंडेशन ने 40 महिलाओं को औद्योगिक मशीनें भी प्रदान की हैं, ताकि वे सम्मान के साथ अपना खुद का काम शुरू कर सकें और अपने परिवार का सहारा बन सकें।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28