तेंदुए के मूवमेंट को लेकर लोगों को किया जा रहा है सतर्क, नरखेड़ा मार्ग पर वन विभाग ने लगाया चेतावनी बोर्ड
-तेंदुआ अब तक 23 मवेशियों पर कर चुका है हमला
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
क्षेत्र के ग्राम नरखेड़ा, गीदगढ़ और कुल्हाड़िया में तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते कुछ दिनों में तेंदुए को कई बार गांव के आसपास देखा गया है और इसने कई मवेशियों को शिकार भी बनाया है। एक तेंदुए और एक उसका शावक घूम रहा है तो वहीं गीदगढ़ नरखेड़ा में भी तेंदुए ने मवेशियों को शिकार बनाया है। वन विभाग को लगातार तेंदुए की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद अब सतर्कता के रूप में ग्राम नरखेड़ा की पहाड़ियों और आसपास के जंगलों में चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। कुलहाड़िया से नरखेड़ा मार्ग के पास एक प्रमुख स्थान पर बोर्ड लगाकर लोगों को सचेत किया गया है कि यह क्षेत्र तेंदुए का विचरण क्षेत्र है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं, बच्चों और मवेशियों की निगरानी रखें तथा किसी भी तेंदुए की गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें।
तेंदुआ अब तक 23 मवेशियों पर कर चुका हैं हमला--ग्राम नरखेड़ा और कुल्हाड़िया सहित आसपास क्षेत्र में तेंदुए के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान और भयभीत हैं। गांव में तेंदुआ लगातार मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है। पिछले एक साल में तेंदुआ अब तक 23 मवेशियों पर हमला कर चुका है। कुछ दिन पूर्व भी पंचायत चौकीदार चिरौंजी लाल लोधी के घर के पीछे बंधे गाय के बछड़े पर तेंदुए ने हमला किया था। यह घटना रात करीब 2 बजे की थी। तेंदुए के हमले से बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया था और जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए उसकी मौत हो गई थी।चिरौंजीलाल ने बताया कि एक साल पहले भी उनके एक अन्य बछड़े को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। यह दूसरी बार था जब उनके मवेशी पर तेंदुआ ने हमला किया। गांव के लोग तेंदुए के डर से रातों में बाहर निकलने से डरते हैं। एक साल से तेंदुए के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक न तो तेंदुए को पकड़ा गया है और न ही पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया है।ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और मवेशियों को बचाया जा सके।
क्षेत्र में तेंदुए के आतंक के चलते विभाग लोगों को कर रहा है सतर्क--कुछ दिन पूर्व ही थाना क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर बंधे हुए गधे को अपना शिकार बनाया था। वहीं एक मोहल्ले में रात्रि करीब 2 बजे तेंदुए ने घर के पास बंधी बकरियों पर हमला कर दिया था। इस हमले में दो बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित बकरी पालक रंजीत गीर ने बताया कि तेंदुआ पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र से मोहल्ले में आया और अचानक बकरियों पर झपट पड़ा। बकरियों की चीख-पुकार सुनकर उनकी बुआ की नींद खुली, जिन्होंने तत्काल परिजनों को जगाया। जब तक वे मौके पर पहुंचे, तेंदुआ भाग चुका था और दो बकरियों की जान जा चुकी थी, वहीं सात बकरियां गंभीर रूप से घायल थीं।ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब तेंदुए की आमद देखी गई हो। इसके पहले भी आस-पास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की मौजूदगी देखी गई है, लेकिन इस बार तेंदुए के हमले ने लोगों में डर और चिंता बढ़ा दी है।

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