ब्रह्मांड के पहले वास्तुकार और शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर सलामतपुर में निकला चल समारोह
-सलामतपुर में विश्वकर्मा जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई, श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की
-सलामतपुर में मुख्यमार्गों से निकला समाज का चल समारोह
-चल समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद रहे समाज के लोग
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
बुधवार को कस्बे में विश्वकर्मा जयंती बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। समाज के लोगों ने भोपाल विदिशा मुख्यमार्गों से चल समारोह भी निकाला जो सांची से शुरू हुआ और सलामतपुर में संघमित्रा होटल के पास स्तिथ समाज के मंदिर पर समापन हुआ। विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में क्षेत्र में सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पूजा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। जगह-जगह भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं और विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, उन्नति और कल्याण की कामना की। पूजा के बाद भक्ति गीत और कीर्तन हुए। प्रसाद वितरण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव-गांव और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी पूजा-अर्चना के आयोजन हुए, जिसमें स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और युवाओं ने भाग लिया। कई स्थानों पर रंग-बिरंगी झालरों, गुब्बारों और फूलों से मंडप सजाए गए थे। चल समारोह कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, कारीगर, दुकानदार और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वहीं बताया गया है कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का पहला वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने ब्रह्मा के साथ मिलकर ब्रह्मांड की रचना की थी और देवताओं के अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण भी किया था। यही कारण है कि हर साल इंजीनियर, आर्किटेक्ट, शिल्पकार, औद्योगिक मजदूर और कारीगर विशेष रूप से उनकी पूजा करते हैं। |
