-भोपाल इंटरव्यू देने दस्तावेज लेकर घर से निकला, 8 बजे सलामतपुर के पास मिली लाश

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

शुक्रवार सुबह सलामतपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर रेलवे ओवरब्रिज के पास सड़क किनारे 26 वर्षीय युवक ने अपनी ही 12 बोर की बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुबह करीब 9 बजे राहगीरों ने सड़क किनारे खून से लथपथ शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश रघुवंशी और दीवानगंज चौकी प्रभारी सुनील शर्मा सहित पुलिस टीम पहुंची। पास में मोटरसाइकिल और 12 बोर की बंदूक पड़ी थी। बैग में मिले कागजातों से मृतक की पहचान जितेंद्र साहू पिता लखन साहू (26) निवासी राघवजी कॉलोनी, विदिशा के रूप में हुई। मौके पर होशंगाबाद से आई एफएसएल और रायसेन की फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी पंकज पांडे और एएसपी कमलेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। वहीं इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

7-8 महीने से था बेरोजगार---परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र कुछ समय पहले तक गार्ड की नौकरी करता था। उसने कई निजी जगहों पर काम किया, लेकिन 7-8 महीने से उसके पास कोई कम नहीं था, तभी से वह बेरोजगार था। शुक्रवार को वह सुबह 7 से 7.30 बजे के बीच भोपाल जाने की बात कहकर घर से निकला था।

खुद चाय बनाई और माता-पिता को भी दी--परिजनों ने बताया कि जितेंद्र सुबह जल्दी उठा, चाय बनाई और माता-पिता को दी। इसके बाद वह नौकरी के दस्तावेज लेकर भोपाल जाने का कहकर निकला था। जितेंद्र अविवाहित था और परिवार का इकलौता बेटा था।

दोनों पैरों में बंदूक फंसाकर सीने पर मारी गोली-- पुलिस जांच में सामने आया कि जितेंद्र ने रेलवे ओवरब्रिज के पास सुबह करीब 8 बजे अपनी लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक दोनों पैरों में फंसाकर सीने पर रखकर खुद को गोली मार ली। बंदूक के कवर में छह कारतूस और दो कारतूस बंदूक के चैम्बर में लोड मिले हैं। पुलिस के अनुसार एक गोली चली है। उसने करीब डेढ़ साल पहले बंदूक का लाइसेंस बनवाया था।

मरना या मार देना अंतिम समाधान नहीं--आईओएफसी पंचगनी पुणे के हिमांशु भारत ने बताया कि हत्या और आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं लोगों की कमजोर होते आत्मबल का प्रमाण है। किसी मार देना या खुद अपनी जान दे देना समस्या का अंतिम समाधान नहीं है, लेकिन तनाव और डिप्रेशन की अवस्था में सोचने समझने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसी अवस्था में लोगों को अपनी समस्या को साझा करना चाहिए। काउंसलरों से सलाह लेना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

टोल फ्री नंबर 14416 से मदद---मनोचिकित्सा डॉ. विवेक यादव ने बताया कि इस तरह की परिस्थितियों में सहायता के लिए टोल फ्री टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर प्रशिक्षित काउंसलर और मनोवैज्ञानिकों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहती है, जो हर कॉलर को गोपनीय और पेशेवर सहायता प्रदान करती है।

जांच चल रही--- सेमरा गांव में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के दौरान सूचना मिली कि रेलवे ओवरब्रिज के पास एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर मृतक की पहचान विदिशा निवासी जितेंद्र साहू के रूप में हुई। उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारी। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है, जांच जारी है। 

थाना प्रभारी, दिनेश सिंह रघुवंशी।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28