-​परीक्षा परिणाम के खौफ में बचपन के दो दोस्तों ने छोड़ा था घर, भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुजारी रात; थाना प्रभारी की काउंसलिंग के बाद परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। ₹एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

परीक्षा में फेल होने का डर बच्चों के दिमाग पर किस कदर हावी हो सकता है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सलामतपुर थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहाँ एक नजदीकी गांव से रविवार को दो नाबालिग छात्र अचानक घर से भाग निकले। जब परिजनों ने काफी खोजबीन की और बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने बदहवास हालत में सलामतपुर पुलिस को इसकी सूचना दी।

मामला नाबालिगों का था, एसपी के निर्देश पर तुरंत बनी स्पेशल टीम--चूंकि मामला नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी से जुड़ा था, इसलिए सलामतपुर पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने तत्काल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता को पूरी स्थिति से अवगत कराया। एसपी के दिशा-निर्देशन में बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में चौकी प्रभारी सुनील शर्मा, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र सिंह और आरक्षक रोहित गोस्वामी को शामिल कर खोजी अभियान शुरू किया गया।

मोबाइल लोकेशन बनी मददगार, भोपाल के जुमेराती से हुए दस्तयाब---पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लेते हुए बच्चों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। लोकेशन भोपाल की ओर आते ही पुलिस टीम तुरंत रवाना हुई। आखिरकार, पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और सोमवार सुबह लगभग 10 बजे, यानी महज 12 घंटे के भीतर दोनों छात्रों को भोपाल के जुमेराती क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब (बरामद) कर लिया गया।

पड़ोसी भी हैं और जिगरी दोस्त भी: बस से पहुंचे थे भोपाल--पूछताछ में सामने आया कि दोनों नाबालिग छात्र आपस में बचपन के दोस्त हैं और गांव में एक-दूसरे के पड़ोसी भी हैं। घर से भागने के बाद दोनों बस में बैठकर भोपाल के भानपुर पहुंचे थे। वहाँ से एक ऑटो पकड़कर वे भोपाल रेलवे स्टेशन चले गए, जहाँ उन्होंने पूरी रात गुजारी।

काउंसलिंग में खुला राज: जल्दी अमीर बनना चाहते थे बच्चे--थाने लाकर जब थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने दोनों बच्चों की प्यार से काउंसलिंग की और उन्हें समझाइश दी, तो उन्होंने भागने की असली वजह बताई। छात्रों ने कुबूल किया कि उन्हें परीक्षा परिणाम में फेल होने का गहरा डर था। इसी डर के कारण उन्होंने घर छोड़ दिया और किसी बड़े शहर में जाकर काम करके जल्दी अमीर बनने का ख्वाब देख रहे थे।

परिजनों ने गुलदस्ता भेंट कर जताया पुलिस का आभार--थाना प्रभारी ने बच्चों को समझाया कि असफलता जीवन का अंत नहीं है और सही रास्ता मेहनत का होता है। काउंसलिंग के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। सोमवार को भावुक परिजनों ने सलामतपुर थाना प्रभारी और उनकी टीम को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर तत्परता से की गई इस कार्रवाई के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28