सांची में लुटेरों ने विवाह से लौट रही महिला के गले से लूटे लाखों के आभूषण
वसीम कुरैशी सांची रायसेन। (IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सांची की शांत फिजाओं में रविवार रात एक ऐसा अपराध गूंज उठा जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया, बल्कि समाज में असुरक्षा की अनसुनी आहट भी पहुँचा दी। होटल संवोधी के बाहर खड़ी एक महिला के गले से अज्ञात बाइक सवार लुटेरे लाखों रुपए मूल्य के आभूषण झपटकर फरार हो गए।घटना रात करीब 9:10 बजे की है। गुलाब बाई चौकसे, उम्र 50 वर्ष, निवासी रातीबड़, भोपाल, एक विवाह समारोह में शामिल होकर होटल संवोधी से बाहर निकल कर अपने वाहन की प्रतीक्षा कर रही थीं। वातावरण में उत्सव की गूंज थी, परंतु नियति ने उनके लिए उस रात कुछ और ही लिख रखा था।तभी अंधेरे की चादर ओढ़े दो अज्ञात बाइक सवार बदमाश उनकी ओर लपके और पल भर में उनके गले से मंगलसूत्र, सोने की चेन और एक कीमती रानी हार झपटकर धुएँ की तरह गायब हो गए। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि ना महिला को संभलने का अवसर मिला, ना आसपास खड़े लोगों को।चोरी गए आभूषणों का कुल वजन लगभग 4 तोला बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,50,000 से अधिक आँकी जा रही है। एक तरफ विवाह की खुशी थी, तो दूसरी ओर यह अकल्पनीय दुःस्वप्न, जिसने महिला की आँखों में आँसू और हृदय में गहरा आघात छोड़ दिया।सूचना मिलते ही सांची थाना पुलिस मौके पर पहुँची, पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और अज्ञात लुटेरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश प्रारंभ की गई है। पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके।नगरवासियों ने घटना पर गहरी चिंता जताई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा अगर होटल के बाहर जैसी जगह भी सुरक्षित नहीं रही, तो आमजन खुद को कहां महफूज समझे यह घटना महज़ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि सम्पूर्ण नगर की चेतना को झकझोरने वाला संकेत है कि सुरक्षा अब केवलशब्दों की नहीं, बल्कि ठोस कार्यवाही और सतर्कता की माँग कर रही है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की गई है कि होटल, प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की बढ़ोत्तरी, और रात्रि गश्त की प्रभावशीलता को प्राथमिकता दी जाए।अब सवाल यह है — क्या अपराधियों को जल्द पकड़कर न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाएगा या यह वारदात भी पुलिस डायरी के पन्नों में एक केस नंबर बनकर रह जाएगी।

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