NH 146 पर गाय को बचाने के चक्कर में बाइक चालक आरक्षक गिरकर गंभीर घायल, 112 से रायसेन रेफर
-रायसेन न्यायालय से सलामतपुर थाने आ रहा था आरक्षक
-एनएच 146 और एसएच 18 पर मवेशियों के कारण रोज़ हो रहे हैं हादसे
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
शनिवार सुबह लगभग साढ़े नो बजे सलामतपुर थाने के आरक्षक एनएच 146 पगनेश्वर गांव के पास गाय को बचाने के चक्कर में स्कूटर से गिरकर गंभीर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वह रायसेन न्यायालय के कार्य से सलामतपुर थाने जा रहे थे। जानकारी अनुसार थाने के आरक्षक रविन्द्र रघुवंशी शनिवार को सुबह न्यायालय के कार्य से थाने जा रहे थे। तभी यह हादसा हुआ है। उनको थाने की डायल 112 से रायसेन चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। गिरने की वजह से रविन्द्र रघुवंशी को हाथ और पैर में गहरी चोटें आईं हैं। घायल आरक्षक का जिला चिकित्सालय में ईलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि घायल आरक्षक रविन्द्र की हालत अब खतरे से बाहर है। लेकिन उनके हाथ और पैरों में गहरी चोटें आईं हैं। वहीं सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल थाने से 112 वाहन को मौके पर भेजा और घायल आरक्षक रविन्द्र रघुवंशी को जिला चिकित्सालय में ईलाज हेतु तत्काल भेजा गया।
8 सितंबर को एनएच 146 पग्नेश्वर सड़क पर मवेशियों के करण पलटा था यूरिया का ट्रक--ऐसा ही एक मामला 8 सितंबर रविवार को भी देखने को मिला था। जहां एक ट्रक मंडीदीप से यूरिया खाद लेकर विदिशा जा रहा था तभी एनएच 146 पग्नेश्वर के पास सड़क पर बैठे हुए मवेशियों को बचाने के चक्कर में ट्रक चालक ने टर्न लिया जिससे ट्रक की कमानी टूट गई और ट्रक अनियंत्रित होकर झोल खाकर पलट गया। हालांकि इस हादसे में ड्राइवर क्लीनर ने कूदकर अपनी जान बचा ली थी। इसलिए उन्हें कोई चोट नहीं आई है। वहीं दूसरे ट्रक में यूरिया खाद भर कर ट्रक को खाली किया गया। और क्रेन मशीन की मदद से ट्रक को सीधा किया गया था।
मवेशियों के कारण आए दिन भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर हो रहे हैं हादसे--हाइवे 18 और एनएच 146 पर मवेशी बालमपुर घाटी से लेकर भदभदा, देहरी, दीवानगंज, कुल्हाड़िया, बेरखेड़ी चौराहा, सलामतपुर, त्रिमूर्ति चौराहा, ढकना चौराहा, पगनेश्वर गांव सहित आमखेड़ा पर बड़ी संख्या में बैठे रहते हैं। रात के समय दिखाई नही देने पर सड़क हादसे हो रहे हैं। जिसमें मोटरसाइकिल सवार भी घायल हो रहे हैं। जबकि कुछ समय पहले ही प्रदेश सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया था। और इसी मामले पर मध्य प्रदेश शासन में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी कहा था कि पशुपालक अपने गाय पशुओं को खुला छोड़ देते हैं, जिससे सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। और गौ माताऔं की मौत हो जाती है। इसे लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से डोंडी पिटवाकर लोगों को सूचित करें कि गौ माता की रक्षा करना हमारा प्रथम कर्तव्य है। इसलिए उन्हें खुला ना छोड़े, अगर फिर भी किसी ने खुला छोड़ा और पशुओं के कारण सड़क पर दुर्घटनाएं होती हैं तो संबंधित पशुपालकों पर कार्रवाई होगी। आदेश के बाद भी मवेशी सड़कों पर ही बैठे हैं। और हादसों का शिकार हो रहे हैं।
गौवंश को हटाने तैनात किए पेट्रोलिंग वाहन मौके से रहते हैं नदारत--सवाल अभी यह उठता है कि जब गोवंश को हाईवे से हटाने के लिए पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं तो इसके बाद भी मवेशियों के झुंड सड़कों पर ही कैसे बैठे हैं। आखिर पेट्रोलिंग वाहन कहां है। एक ही रात में एक ही स्थान पर हुई दो दुर्घटनाओं ने एक बार फिर हाईवे पर मवेशियों की उपस्थिति और उसकी वजह से बढ़ रही दुर्घटनाओं की ओर ध्यान खींचा है। सरकार द्वारा पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए जाने के बावजूद मवेशी लगातार सड़कों पर मौजूद रहते हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। सवाल यह उठता है कि पेट्रोलिंग वाहन कहां हैं, और क्या वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं? स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
इनका कहना है।
भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 और नेशनल हाइवे 146 सड़क पर बैठे मवेशियों की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। मवेशियों को हाइवे से हटाने के लिए शासन प्रशासन द्वारा कोई भी उपाय नही किए जा रहे हैं। और इसी कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
मयंक साहू, व्यापारी सलामतपुर।
में अपनी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर से न्यायालय कार्य से सलामतपुर थाने जा रहा था। सुबह लगभग 9:30 बजे पगनेश्वर गांव के पास गाय के कारण स्कूटर अनियंत्रित होकर गिर गई। जिससे मेरे हाथ पैरों में गहरी चोटें आ गईं।
रविंद्र रघुवंशी, आरक्षक थाना सलामतपुर।
