- हाइवे 18 से प्रतिदिन निकलते हैं दस हज़ार छोटे बड़े वाहन

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भोपाल विदिशा स्टेट हाईवे क्रमांक 18 पर स्थित सलामतपुर द्वारकाधीश मंदिर मोड़, बेरखेड़ी चौराहा, लांबाखेड़ा जोड़ और कुलहड़िया के पास बने अंधे मोड़ यात्रियों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। इन स्थानों को अब "ब्लैक स्पॉट" कहा जाने लगा है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर मोड़ों की बनावट इतनी तंग है कि वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहन नजर नहीं आते। कई बार तेज रफ्तार वाहन आमने-सामने टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो चुके हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से इन अंधे मोड़ों को खत्म करने या सुधारने की मांग की है। स्थानीय निवासी हसन मंसूरी, दीपक अहिरवार और कपिल साहू ने बताया कि यहां रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन मोड़ इतने खतरनाक हैं कि कभी भी अनहोनी हो सकती है। लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करे, ताकि भोपाल-विदिशा हाईवे पर सफर सुरक्षित हो सके।

अंधे मोड़ के कारण आए दिन होते हैं हादसे--कस्बे में भोपाल विदिशा हाइवे द्वारकाधीश मंदिर के सामने अंधा मोड़ होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। अभी कुछ समय पहले ही एक तेज़ रफ़्तार कार एक युवक को टक्कर मारते हुए द्वारकाधीश मंदिर की दीवार में घुस गई। टक्कर से युवक के हाथ व सिर में गंभीर चोटें आईं थीं। इस घटना में कार चालक ने तेज़ व लापरवाही से चलाते हुए एक युवक इंद्रजीत सिंह पिता मान सिंह शिल्पकार जो अपनी मोपेड एमपी 38 एस 1034 से घर से दुकान की और जा रहा था को टक्कर मारते हुए मंदिर की दीवार में घुस गई थी। कार की टक्कर से इंद्रजीत को हाथ व सिर में गंभीर चोटें आईं थीं। उसकी मोपेड भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। एक और मामले में तेज़ रफ़्तार स्कॉर्पियो कार द्वारकाधीश मंदिर की दीवार तोड़कर अंदर घुस गई थी। जिसमे मंदिर का काफी नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि इस अंधे मोड़ पर सुरक्षा के कोई भी उपाय नही किये गए हैं। यहां पर संकेतक भी नही लगाए गए हैं। जिसकी वजह से वाहन चालकों को मोड़ का पता नही चलता और दुर्घटना हो जाती है।

प्रतिदिन हाइवे से निकलते हैं छोटे बड़े 10 हज़ार वाहन-----भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर यातायात का अत्यधिक दबाब रहता है। यहां से प्रतिदिन लगभग दस हज़ार वाहन निकलते हैं जिनमें लगभग दो सौ यात्री बसें भी शामिल हैं जो विदिशा, रीवा, टीकमगढ़,छतरपुर, सागर ,बीना, ललितपुर , झाँसी  कानपुर, लखनउ और इंदौर जाने वाली चार्टेड बसें तो अंधी रफ़्तार से चलती ही हैं। इसके साथ ही भोपाल से विदिशा चलने वाली बसें, डंपर, ईंट, ढोने वाली 407 , डीजल टेंकर अंधी रफ़्तार से चलते हैं। जिससे इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाए होती रहती हैं। और यातायात विभाग इन वाहनों से सिर्फ चौध वसूली कर अपनी डियूटी पूरी कर लेता है। शासन प्रशासन को शीघ्र इस और ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए।

इनका कहना है।

भोपाल विदिशा हाइवे 18 द्वारकाधीश मंदिर सलामतपुर, बेरखेड़ी चौराहा, लांबाखेड़ा और कुल्हाड़िया गांव के सामने अंधे मोड़ की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं घटित होती है। यहां पर सुरक्षा के कोई भी उपाय एमपीआरडीसी विभाग द्वारा नही किये गए हैं। विभाग को इस और ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए।

रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच ग्रा.पं. रातातलाई।

भोपाल विदिशा हाइवे पर अंधे मोड़ हादसों को दावत दे रहे हैं। यहां पर इन अंधे मोड़ की पूर्व सूचना देने के लिए कोई भी माइल स्टोन या संकेतक नही लगाए गए हैं। जिससे वाहन चालकों को मोड़ आने से पहले पता चल सके। जबकि हाइवे पर प्रतिदिन 10 हज़ार से अधिक वाहन निकलते हैं। रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से समस्या के निराकरण की मांग की गई है।

मूलचंद यादव, पूर्व सरपंच सुनारी सलामतपुर।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28