पांच साल से 3 जिलों की पुलिस को चकमा दे रहा तीन नाम वाला ठग फाइनली धराया
-भोपाल विदिशा रायसेन जिले की पुलिस को आरोपी की थी तलाश
-सलामतपुर पुलिस ने तिजालपुर गांव से घेराबंदी कर किया गिरफ्तार
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
थाना पुलिस ने रायसेन जिले के नए पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के दिशा निर्देशन में एक ऐसे फरार स्थाई वारंटी आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की है जो तीन जिले की पुलिस को चकमा देकर पांच साल से फरार चल रहा था। जो तीन जिलों की पुलिस का स्थाई वारंटी है। आरोपी तीन अलग अलग नामों से चेक देकर व्यापारियों सहित ग्रामीणों के साथ फर्जीबाड़ा करता है। थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी तीन अलग अलग नामों जिनमें वीरेन्द्र यादव, वीर सिंह यादव और वीरन यादव पिता बाबूलाल यादव तिजालपुर गांव में रहने वाला फर्ज़ीवाड़े को अंजाम देता है। उसके विरुद्ध थाने में पांच साल पहले 2020 में धारा 138 चेक बाउंस का मामला सामने आया था। आरोपी वीरेन्द्र तभी से स्थाई वारंटी होकर फरार चल रहा था। इसकी तलाश में पुलिस कई बार छापेमारी कर चुकी थी। लेकिन सफलता नही मिल रही थी। पुलिस को शुक्रवार के दिन आरोपी की लोकेशन तिजालपुर गांव में होने की पक्की जानकारी मुखबिर से मिली। जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने तत्काल जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराने के बाद दिशा निर्देश मिलते ही टीम बनाकर जिसमें एएसआई राजेश यादव और प्रधान आरक्षक सुरेश बघेल सहित अन्य पुलिस बल को शामिल कर के गांव भेजा। आरोपी को पुलिस के आने की भनक लग गई और वह भागने लगा लेकिन पुलिस टीम ने समझदारी दिखाते हुए वीरेन्द्र को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। और शुक्रवार को ही रायसेन न्यायालय में पेश किया है।
तीन जिलों की पुलिस को तलाश है आरोपी वीरेन्द्र की--आरोपी वीरेन्द्र उर्फ वीर सिंह उर्फ वीरन पिता बाबूलाल यादव निवासी तिजालपुर की तलाश भोपाल, विदिशा और रायसेन जिले की पुलिस को काफी समय से थी। आरोपी के विरुद्ध भोपाल में 2019 और 2023 में चेक बाउंस का मामला उसमें स्थाई वारंटी है। और सलामतपुर थाने में 2020 में धारा 138 चेक बाउंस का मामला सहित विदिशा में आरोपी वीरेन्द्र ने बने सिंह राजपूत पिता जगन्नाथ सिंह राजपूत निवासी सुभाष नगर सागर रोड विदिशा से 2 नई ट्राली 3 लाख रूपये में बनवाने का आर्डर दिया। बने सिंह की मिर्जापुर चौराहे पर ट्राली, कल्टीवेटर बनाने की इंडस्ट्रीज है। उन्होंने 18 मई 2024 को 2 नई ट्राली बनाकर आरोपी वीरेन्द्र को दी। पुरानी पहचान होने के चलते रुपये फसल पर देने की बात हुई। लेकिन फसल आने पर वीरेन्द्र ने नगद रुपये देने के जगह एक चेक 164540 इंडसइंड बैंक शाखा भोपाल का बने सिंह को दिया जो बाउंस हो गया। आरोपी इसी तरह से नए कृषि यंत्र खरीदकर व्यापारियों को चेक देता है और कृषि यंत्रों को दूसरे किसानों को नगद में बेचकर रुपये खुद रख लेता है और व्यापारियों को चेक दे देता है। जो बाद में बाउंस हो जाते हैं।
इंदौर शहर में काटी फरारी--आरोपी वीरेन्द्र उर्फ वीर सिंह उर्फ वीरन ने इंदौर शहर में डेली मजदूरी करके फरारी काटी है। बीच बीच में वह कई बार अपने घर तिजालपुर गांव भी आता जाता रहता था। गांव में उसकी शामिल खाते की लगभग 6 एकड़ कृषि भूमि का होना बताया जा रहा है। और उसके परिवार में पत्नी सहित 3 बच्चे भी हैं।
इनका कहना है।
नए पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी और एसडीओपी के मार्गदर्शन में 5 साल से फरार स्थाई वारंटी को तिजालपुर गांव से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। आरोपी 3 जिले के थानों का फरार स्थाई वारंटी है। आरोपी व्यापारियों से नए कृषि यंत्र लेकर उन्हें बैंक चेक देता था। जो बाउंस हो जाते थे। आरोपी 3 अलग अलग नामों से फर्जीबाड़ा करता था। पूछताछ के बाद आरोपी को शुक्रवार को रायसेन न्यायालय में पेश किया है।
दिनेश सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी सलामतपुर।
