-बिना कोई पूर्व सूचना के 2 दिन के लिए रेलवे फाटक को किया बंद, ट्रक सहित अन्य वाहन फंसे

-ग्रामीण बोले शीघ्र ही नही हुआ समस्या का समाधान तो करेंगे आंदोलन

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। ₹एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सांची जनपद के मुड़ियाखेड़ा रेलवे गेट पर बन रहे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान निर्माण एजेंसी की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। एजेंसी द्वारा यहां डाइवर्ट मार्ग नहीं बनाया गया है, और जो दस गांवों का रास्ता था उसे भी बिना कोई पूर्व सूचना के दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। फाटक बंद होने से हज़ारों ग्रामीण के छोटे या बड़े कोई भी वाहन नही निकल पा रहे हैं। यहां से ग्रामीणों को पैदल ही निकलना पड़ रहा है। इस वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी फाटक बंद होने से एक भरतीपुर गांव की गर्भवती महिला को परेशान होना पड़ा। उसे पैदल ही रेलवे लाइनों को क्रॉस कर के दूसरी तरफ अस्पताल लेकर जाना पड़ा। कई वाहन भी दोनों और फंस गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति रोज देखने को मिलती है, लेकिन निर्माण एजेंसी और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

मुड़ियाखेड़ा में रेलवे गेट पर बन रहा है ओवरब्रिज---सांची जनपद के गांव मुड़ियाखेड़ा में रेलवे गेट पर ओवर ब्रिज का काम शुरू हुए काफी समय हो गया है। निर्माण पूरा होने के बाद इन मार्गों पर पड़ने वाले दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन अभी तो ब्रिज कंप्लीट भी नही हुआ और लोगों की परेशानियां शुरू हो गईं। बता दें कि भोपाल बीना तीसरी रेलवे ट्रैक के बाद ट्रेनों की संख्या के साथ उनके फेरे भी बढ़ गए हैं। कई बार रेलवे क्रासिंग बंद करनी पड़ती है। कभी-कभी तो तीनों ट्रैक पर पर ट्रेन आने के कारण एक से डेढ़ घंटे तक गेट बंद रहता है। इससे लोगों को खासी परेशानी होती है। जब कोई बीमार गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए रेलवे गेट खुलने का इंतजार करना भारी पड़ता है। रेलवे विभाग द्वारा लोगों को राहत देने की मंशा से भोपाल विदिशा के बीच मुड़ियाखेड़ा रेलवे क्रासिंग गेट पर ओवरब्रिज बनाए जाने का काम शुरू किया गया है। ताकि दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन की सुविधा आसानी से मिल सके। लेकिन निर्माण कर रहे ठेकेदार ने आम रास्ता भी बंद कर दिया। जिसकी वजह से प्रतिदिन छोटे और बड़े वाहन दोनों और फंस रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों राहुल, अंकित, भगवान सिंह और रोहित पटेल ने ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र पूरा करने के साथ ही डायवर्जन सड़क को बनाने की मांग रेलवे विभाग से की है।

10 से 15 गांवों का रास्ता हो गया बंद, छात्र छात्राओं सहित गर्भवती महिलाएं परेशान--मुड़ियाखेड़ा रेलवे फाटक को बिना सूचना के बंद करने से लगभग दस से पंद्रह गांवों के हज़ारों ग्रामीण परेशान होने लगे हैं। इस रास्ते से मुड़ियाखेड़ा, भरतीपुर, मादा, जोगीपुरा,  बेसर, शाहपुर, कालीदांत, भोई कालोनी, झुंडखोह, फूल खेड़ा, रूपनगर सहित अन्य गांवों का रास्ता बंद हो गया है। गुरुवार के दिन बच्चों को स्कूल लेने आए वाहन भी गांव तक नही पहुंच सके। वहीं गर्भवती महिलाओं के साथ ही किसान भी परेशान हो रहे हैं। क्योंकि रास्ता बंद होने से ना तो मोटरसाइकिल और ना ही कोई बड़ा वाहन यहां से निकल पा रहा है। ग्रामीणों को पैदल ही इस तरफ से उस तरफ जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने उक्त कार्य कर रहे ठेकेदार और रेलवे विभाग पर मनमाने तरीके से काम करने के आरोप भी लगाए हैं।

इनका कहना है।

मुड़ियाखेड़ा में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य ने फिलहाल 10 से 15 गांव के लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार द्वारा बिना कोई पूर्व सूचना दिए 2 दिन के लिए रेलवे फाटक बंद कर दिया। शुक्रवार को एक भरतीपुर गांव की गर्भवती महिला को अस्पताल जाने के लिए पैदल ही रेलवे लाइनों को क्रॉस करना पड़ा। वहीं क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है और हज़ारों ग्रामीण अपने वाहन दूसरी और नही ले जा पा रहे हैं। जिससे बड़ी बाधा आ रही है। 

शफीक खान, उपसरपंच ग्रा.पं. मुड़ियाखेड़ा।

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार या गर्भवती महिलाओं को हो रही है, क्योंकि स्कूल वैन और एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रामीणों के वाहनों के फंसने के साथ-साथ मोटरसाइकिल चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पैदल ही दूसरी और जाना पड़ रहा है।

बृजेश आदिवासी, स्थानीय ग्रामीण मुड़ियाखेड़ा

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28