फॉलोअप: फैक्ट्री धुएं की मार से खेती बेहाल, दीवानगंज में फसल नुकसान का आरोप, निरीक्षण करने पहुंचा जांच दल
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सांची जनपद के दीवानगंज क्षेत्र में किसानों की फसल को हुए नुकसान का मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। यहां 8 किसानों की चना और गेहूं की फसल पकने से पहले ही खराब हो गई। किसानों का आरोप है कि खेतों के समीप स्थित मध्य भारत फैक्ट्री से रात के समय निकलने वाले धुएं के कारण उनकी फसलें सूख गईं। किसानों ने इस संबंध में मंगलवार को अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, जिसे मीडिया में भी प्रमुखता से उठाया गया। खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए तहसीलदार के नेतृत्व में गठित जांच दल को मौके पर भेजा। जांच दल ने खेतों का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया।हल्का पटवारी सुरेश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके बाद कृषि विभाग के वैज्ञानिकों की टीम मौके पर आकर तकनीकी जांच करेगी, जिसके आधार पर आगे का निष्कर्ष निकाला जाएगा।हालांकि किसानों का कहना है कि अपर कलेक्टर ने ज्ञापन के समय तीन दिन के भीतर कृषि वैज्ञानिकों को भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब केवल प्रारंभिक जांच दल ही पहुंचा है। उनका आरोप है कि इससे कार्रवाई में अनावश्यक देरी हो रही है। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द कृषि वैज्ञानिकों से जांच कराई जाए और जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो, क्योंकि फसल को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
पंचायत भी दे चुकी है नोटिस--आवासीय क्षेत्रों के नजदीक औद्योगिक कारखानों का निर्माण आम जनता के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। इन कारखानों से निकलने वाले धुएं ने स्कूल के मासूम बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं। भोपाल विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर स्थित मध्य भारत फैक्ट्री के सामने शासकीय पीएम श्री स्कूल एवं एक निजी स्कूल है दोनों ही स्कूल में क्षेत्र भर के बच्चे बड़ी संख्या में पढ़ने आते हैं। फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं के कारण स्कूली बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आंखों में जलन भी हो रही है। वही इस हाइवे से निकलने वाले राहगीर भी फैक्ट्री के प्रदूषण फैलाने वाले धुएं से परेशान हैं। इस समस्या को लेकर शासकीय पीएम श्री स्कूल एवं एक निजी स्कूलों ने ग्राम पंचायत को पत्र लिखकर फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं की शिकायत की थी। दोनों ही स्कूलों के पत्र को संज्ञान में लेकर सरपंच गिरजेश नायक द्वारा फैक्ट्री को नोटिस दिया गया था। सरपंच गिरजेश नायक ने बताया कि सरकारी स्कूल और 1 प्राइवेट स्कूल के प्राचार्य ने पंचायत को लेटर जारी कर बताया था कि मध्य भारत फैक्ट्री से ज़हरीला धुंआ निकल रहा है। जिसकी वजह से बच्चों को सांस लेने और आंखों में जलन पड़ रही है। मामला संज्ञान में आते ही फैक्ट्री संचालक को नोटिस जारी कर समस्या समाप्त करने का बोला गया।
फैक्ट्री में किसानों के उपयोग में आनी वाली राखड़ बनाती है--दीवानगंज में स्तिथ मध्य भारत फास्फेड प्राइवेट लिमिटेड जो किसानों को उपयोग होने वाली राखड़ बनाती है। फेक्ट्री के आसपास 8 किसानों की जमीन लगी हुई है। किसान फेक्ट्री की कार्यशैली पर भी आरोप लगा रहे हैं। दरअसल फेक्ट्री रात में चालू होती है जिससे अधिक मात्रा में धुंआ छोड़ा जाता है यही वजह है कि किसानों की फसल सूख रही है। किसानों का कहना है फसल बर्बाद हुई तो लाखों का नुकसान होगा। किसान राजकुमार साहू साफ तौर पर कहते है फेक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक धुंआ हमारी फसल खराब कर रहा है। ऐसे में फेक्ट्री के मैनेजर ओम पाटीदार का कहना है कि हमारे यहां सब ठीक है किसान जांच करा लें। आपको बता दे कुछ साल तक यह फेक्ट्री बंद रहने के बाद फिर से शुरू हुई है। फैक्ट्री से सड़क पार कर महज 50 कदम की दूरी पर स्कूल हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठता है सड़क के किनारे बनी इस फैक्ट्री को अन्यत्र शिफ्ट क्यों नही किया जा रहा। जबकि किसान सहित स्कूली बच्चे भी इसके धुएं से परेशान हो रहे हैं।
