हलाली डैम पर रविवार को पहुंची भारी भीड़, जान जोखिम में डालकर सेल्फी ले रहे पर्यटक, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं
-बारिश के मौसम में उमड़ी भोपाल-विदिशा के पर्यटकों की भारी भीड़; दो जिलों की सीमा विवाद के कारण टलती है जिम्मेदारी
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
बारिश का खुशनुमा मौसम और रविवार की छुट्टी का मेल होते ही रायसेन जिले के प्रसिद्ध हलाली डैम पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। भोपाल, विदिशा, बैरसिया और रायसेन समेत आसपास के इलाकों से सैकड़ों पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचे। हालांकि, इस खुशनुमा माहौल के बीच लापरवाही और खतरे की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई। दर्जनों पर्यटक अपनी जान हथेली पर रखकर ऊंची और फिसलनभरी चट्टानों पर चढ़कर सेल्फी लेते नजर आए। डैम के तेज बहाव के बिल्कुल पास पहुंचकर लोग अपनी सुरक्षा को ताक पर रख रहे हैं।
पिछली दुखद घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहे लोग--हलाली डैम और उसके आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में लापरवाही के कारण पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, लेकिन लोग इनसे कोई सबक नहीं ले रहे हैं। कोलार निवासी महिला की मौत: दो वर्ष पूर्व भोपाल के कोलार से पति के साथ घूमने आईं 32 वर्षीय हिमानी मिश्रा हलाली डैम के पुल की बाउंड्री पर खड़े होकर सेल्फी ले रही थीं। पैर फिसलने से वह छरछरी (वेस्टवियर) के तेज बहाव में बह गईं। पुलिस और गोताखोरों की 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उनका शव बरामद किया जा सका था। अशोका गार्डन के युवक की दुर्घटना: भोपाल के अशोका गार्डन निवासी 24 वर्षीय राहुल भास्कर की भी हलाली वेस्टवियर में डूबने से मौत हो चुकी है, जिसका शव अगले दिन बरामद हुआ था। मिनी पचमढ़ी कुंड हादसा। इसी क्षेत्र में स्थित मिनी पचमढ़ी के कुंड में सेल्फी लेने के चक्कर में पैर फिसलने से अशोका गार्डन के ही तीन युवकों ने अपनी जान गंवा दी थी।इन तमाम घटनाओं के बावजूद हर शनिवार और रविवार को हजारों लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं और छरछरी के उफान मारते तेज बहाव में उतरकर नहाने से बाज नहीं आ रहे।
सुरक्षा व्यवस्था नगण्य, सीमा विवाद बना मुसीबत--डैम पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर न तो कोई मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनियों के साइनबोर्ड लगाए गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण हर साल यहाँ मौत के हादसे होते हैं।इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा कारण रायसेन और विदिशा जिलों की सीमा संबंधी खींचतान है। हलाली डैम और मिनी पचमढ़ी का इलाका रायसेन जिले के सलामतपुर थाने और विदिशा जिले के खामखेड़ा चौकी (थाना) के अंतर्गत आता है। जब भी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो दोनों ही थानों की पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालती नजर आती है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दोनों जिलों का प्रशासन मिलकर यहाँ स्थायी पुलिस बल, सुरक्षा जाली और चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था करे।
इनका कहना है।
शनिवार और रविवार को हलाली डैम पर आसपास के क्षेत्रों से काफी संख्या में लोग पहुंचते है। भीड़ और खतरे की जानकारी मिलते ही सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया जाता है।
श्यामराज सिंह सोमवंशी, थाना प्रभारी, सलामतपुर।






























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