हलाली डैम के 2 गेट खुलते ही चली छरछरी, बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक
-सीज़न में पहली बार खुले हलाली डेम के गेट, 2700 क्यूसिक पानी छोड़ा गया
-सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर मौजूद रही सलामतपुर पुलिस
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
आसपास क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे हलाली के 2 गेट आधा आधा मीटर तक खोले गए हैं। रायसेन जिले सहित आसपास क्षेत्र में बारिश से नदी नाले ऊफान पर हैं। वहीं जिले के डैम तालाब भर गए हैं, भोपाल जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण हलाली डैम का जल स्तर भी बढ़ गया है। इसी बात के मद्देनजर गुरुवार को पांच में से हलाली डैम के दो गेट आधा आधा मीटर तक खोलें गए हैं। गेट खोलने से पहले जल संसाधन विभाग के अधिकारी और सलामतपुर पुलिस भी सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पहुंची। गेटों को खुलते हुए देखने के लिए आसपास क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग हलाली डैम पहुंचे। और नज़ारे देखकर लुत्फ उठाया। बता दे की हलाली डैम पर दो साल पहले ही 5 गेट बनकर तैयार हुए हैं जो सीज़न में पहली बार खोले गए हैं। पहले गेट नहीं होने से कई गांव डूब में आ जाते थे, अब हलाली डैम पर पांच गेट लगने से बेक वॉटर गेट के माध्यम से निकाला जा सकता है। इसी के चलते सोमवार को दो गेट खोले गए हैं।
24.59 करोड़ रुपए की लागत से 5 गेटों का हुआ है निर्माण --ओवर फ्लो वाले स्थान पर पहले 9 मीटर ऊंचाई और 5 मीटर चौड़ाई के पिलरों के बीच में पांच गेट लगा दिए गए हैं। डेम का जल स्तर बढ़ने से इन गेटों से 1750 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इससे 28 गांवों के लगभग 2100 किसानों की 2400 हेक्टेयर जमीन में बोई गई खरीफ की फसल सहित अन्य फसलों को डूबने से बचाया जा सकता है।इतना ही नहीं फसल के अलावा नीनोद और कायमपुर गांव के रास्ते डूब में आ जाने से गांव टापू बन जाया करते थे। अब इन गांवों के रास्ते भी डूब में नहीं आते हैं। इससे बारिश के दिनों में यहां से आवागमन भी चालू रहता है। बारिश के दिनों में भी इलाज सहित आवश्यक सेवाएं दोनों गांव के रहवासियों को आसानी से उपलब्ध हो रही है।
ग्रामीणों के आवागमन के लिए डाउन स्ट्रीम में बना 57.50 मीटर लंबा ब्रिज--गेट के आगे डाउन स्ट्रीम में एक 57.50 मीटर लंबा ब्रिज भी बनाया गया है। इससे 15-20 गांवों के लोगों को बाढ़ के दौरान हर साल रास्ता बंद होने की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। दरअसल बारिश के दौरान बाढ़ से नीनोद और कायमपुर गांव के रास्ते डूब में आ जाने के कारण गांव टापू बन जाया करते थे। बांध के डाउन स्ट्रीम में ब्रिज बनने से अब इन गांवों के रास्ते भी डूब में नहीं आएंगे। इससे बारिश के दिनों में यहां से आवागमन चालू रहेगा। ग्रामीणों को इसी रास्ते से आवागमन करना होगा, जबकि बांध पर निर्मित गेटेड स्लिप के ब्रिज का इस्तेमाल केवल सिंचाई विभाग का अमला ही कर सकेगा। यह अमला इस ब्रिज का उपयोग बांध के गेटों का नियंत्रण के कार्य के लिए करेगा।
इनका कहना है।
सम्राट अशोक सागर बांध में जल की आवक अधिक होने से डैम के 2 नग गेट 0.50मी तक सुबह 10.30 खोले गए हैं। जिससे 77.00 क्यूमेक जल प्रवाहित होगा। हमने आम जन से निवेदन किया है कि हलाली नदी, बेस नदी , बेतवा नदी के तटीय दोनों किनारो से दूरी बनाए रखें।
राजकुमार पंडौले, कार्यपालन यंत्री सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 02 विदिशा।
गुरुवार को हलाली डेम के 2 गेट खोले गए हैं। आसपास क्षेत्र के रहवासी काफी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे। जानकारी मिलते ही सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मौके पर भेजा गया है।
दिनेश सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी सलामतपुर।
