-मंगलवार को विदिशा बैरसिया, भोपाल जिले सहित आसपास क्षेत्र के किसान पहुंचे धान बेचने

-धान की 150 ट्राली पहुंची उपजमंडी सलामतपुर में

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

रायसेन जिले की सलामतपुर उप कृषि उपज मंडी में इन दिनों धान की बंपर आवक हो रही है। मंडी परिषद पूरी तरह से धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गुलजार हो गई है। स्थानीय किसानों के साथ-साथ भोपाल और विदिशा जिलों के किसान भी अपनी फसल बेचने यहां पहुंच रहे हैं। मंगलवार को दोपहर 2 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 150 ट्रालियां मंडी में पहुंच चुकी थीं। धान के अच्छे रेट मिलने से किसानों में ख़ुशी देखी गई।कृषि उपजमंडी में बैरसिया से अपनी धान की उपज बेचने आए किसान मलखान सिंह ने बताया कि इस वर्ष धान का उत्पादन अच्छा हो रहा है। प्रति एकड़ पंद्रह से लेकर बीस क्विंटल धान का उत्पादन मिल रहा है। लेकिन सलामतपुर उपमंडी में मेरी धान की अच्छी कीमत अट्ठाईस सौ रुपए क्विंटल के हिसाब से मिल गई है। जबकि अन्य मंडी में दो हज़ार पांच सौ रुपए से लेकर छब्बीस सौ रुपए क्विंटल ही मिल पा रहे थे

मंडी में 1 दिन पहले ही किसानों ने जमा लिया डेरा---क्षेत्र में इन दिनों धान की बंपर आवक देखी जा रही है। सिर्फ रायसेन जिले के ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी किसान अपनी उपज लेकर सलामतपुर उपमंडी पहुंच रहे हैं। रविवार के दिन से ही मैदान में ट्रॉलियों की कतारें देखी गईं। किसान सोमवार मंगलवार को उपमंडी खुलते ही अपना नंबर सुनिश्चित करने के लिए एक दिन पहले से ही यहां डेरा जमाए हुए थे। बढ़ती ठंड के बीच किसानों ने रात मैदान में ही गुज़री। ताकि सुबह उनकी फसल की तुलाई में देरी न हो।  वहीं किसानों ने बताया कि सर्दी से बचने के लिए घर से कंबल लेकर आए हैं ट्रॉली के ऊपर ही रात गुजारेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि धान के रेट भी दिन पर दिन कम बढ़ हो रहे हैं। जिससे किसानों को काफी परेशानी आ रही है।

कीमत अच्छी मिलने से किसान हुए खुश--दीवानगंज, खामखेड़ा, सायर, सेमरा से पहुंचे किसानों ने बताया कि धान का भाव 2800 रुपये से लेकर 3300 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है, जो उनकी मेहनत और लागत के हिसाब से बहुत अच्छा है। किसानों का कहना है कि यह रेट उनकी मजदूरी और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। सोजना गांव से आए किसान राहुल मीणा ने बताया कि एक एकड़ जमीन पर धान की खेती में लगभग 30,000 का खर्च आता है। ऐसे में 2800-3400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर उनकी लागत भी निकल पा रही है जिससे वे भारी नुकसान झेलने से बच रहे हैं।

एमएसपी सुनिश्चित करना चाहिए--किसानों का कहना है कि सरकार को कुछ ऐसे उपाय करना चाहिए कि धान की अधिक कीमत मिले। इस समस्या का संज्ञान लेना चाहिए और उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करना चाहिए ताकि उन्हें उनकी मेहनत का और सही दाम मिल सके। धान की आवक जारी रहने और किसानों को अधिक कीमत मिलने के बीच अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।

इनका कहना है।

मंगलवार को लगभग 150 ट्रालियों के माध्यम से 4600 क्विंटल धान उपजमंडी में बिकने के लिए आईं थी। किसान विदिशा , बैरसिया सहित आसपास क्षेत्र से धान लेकर आए थे। 2800 रुपये से 3300 रुपए की कीमत पर व्यापारियों द्वारा धान खरीदी गई है 

विनेन्द्र सिंह बघेल, सहायक उपनिरीक्षक उपजमंडी सलामतपुर।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28