-सलामतपुर सहित आसपास क्षेत्र में होती है धान की बम्पर पैदावार

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

आसमान से बरसीं राहत की बूंदों ने जहां आम जनता को भीषण गर्मी से निजात दिलाई है, वहीं क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर भी रौनक ला दी है। मानसून की पहली बारिश होते ही सलामतपुर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में कृषि गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। खरीफ सीजन की मुख्य फसल 'धान' की बुआई को लेकर अन्नदाता पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। खेतों की जुताई के साथ ही किसान अब धान के गड़े (पौध/नर्सरी) तैयार करने के काम में जी-जान से जुट गए हैं।

सलामतपुर क्षेत्र में होती है धान की बम्पर पैदावार--भौगोलिक दृष्टि से सलामतपुर और इसका नजदीकी क्षेत्र धान की खेती के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। यहाँ की मिट्टी और पानी की उपलब्धता के कारण हर साल धान की बम्पर पैदावार दर्ज की जाती है। इस क्षेत्र में उत्पादित होने वाले बासमती और अन्य उन्नत किस्म के चावल की मांग दूर-दूर की मंडियों में रहती है। यही कारण है कि बारिश की दस्तक होते ही क्षेत्र का हर छोटा-बड़ा किसान अपने खेतों को धान की रूंपाई के लिए तैयार करने में लग गया है।

​क्या होते हैं 'धान के गड़े' और क्यों हैं ये जरूरी?

​धान की सीधी बुआई के बजाय क्षेत्र के अधिकांश किसान 'गड़े' (नर्सरी) पद्धति को प्राथमिकता देते हैं। इसमें​एक निश्चित और सीमित क्षेत्र में उत्तम किस्म के बीजों का सघन छिड़काव किया जाता है। ​बारिश के पानी की मदद से इन बीजों से छोटे-छोटे पौधे तैयार किए जाते हैं।

​लगभग 21 से 25 दिनों के भीतर जब यह पौध (गड़े) तैयार हो जाती है, तो इन्हें उखाड़कर मुख्य खेतों में कीचड़ (मचाई) कर रोपा जाता है। ​किसानों का कहना है कि इस पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीके से फसल लगाने पर पौधों का विकास अच्छा होता है और पैदावार में भारी इजाफा होता है।

अच्छी मानसूनी बारिश की उम्मीद, बाजारों में बढ़ी रौनक--

सलामतपुर के स्थानीय किसानों का मानना है कि यदि इस बार मौसम ने समय पर साथ दिया और नियमित अंतराल पर बारिश होती रही, तो धान की फसल पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। कृषि कार्य शुरू होते ही स्थानीय बाजारों में भी हलचल बढ़ गई है। खाद, बीज और कीटनाशकों की दुकानों पर किसानों की भीड़ देखी जा सकती है।​फिलहाल, सलामतपुर के खेतों में ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट और किसानों की मेहनत यह साफ बयां कर रही है कि आने वाले दिनों में यहाँ धान की हरी-भरी फसलें लहलहाने वाली हैं।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28