दीवानगंज में फैक्ट्री के धुएं से 35 एकड़ में गेहूं-चना फसल बर्बाद, कार्रवाई की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
-ज़हरीले धुएं से नज़दीकी स्कूली बच्चे सहित राहगीर परेशान
-8 किसानों की लगभग 35 एकड़ क्षेत्र में लगी फसलें हुई खराब
-पीड़ित किसानों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सांची जनपद क्षेत्र के दीवानगंज में एक फैक्ट्री के जहरीले धुएं ने किसानों की खेत में खड़ी हुई फसलें तबाह कर दी हैं। वहीं आसपास स्तिथ सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल के छात्र छात्रओं को भी इस ज़हरीले धुंए ने परेशान कर रखा है। इसी मामले में मंगलवार को कई किसान रायसेन कलेक्ट्रेट खराब हुई चना गेंहू की फसल को लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि दीवानगंज में मध्य भारत फास्फेड प्रायवेट कंपनी फैक्ट्री के केमिकल युक्त धुंए की वजह से फसलें खराब हो रही है। फेक्ट्री के आसपास लगी 8 किसानों की तकरीबन 35 एकड़ जमीन की फसलें खराब हो गईं हैं। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा की गैरमौजूदगी में अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय से मिले उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा है कि मामले की कृषि विभाग से जांच कराएंगे।
पंचायत भी दे चुकी है नोटिस--आवासीय क्षेत्रों के नजदीक औद्योगिक कारखानों का निर्माण आम जनता के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। इन कारखानों से निकलने वाले धुएं ने स्कूल के मासूम बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं। भोपाल विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर स्थित मध्य भारत फैक्ट्री के सामने शासकीय पीएम श्री स्कूल एवं एक निजी स्कूल है दोनों ही स्कूल में क्षेत्र भर के बच्चे बड़ी संख्या में पढ़ने आते हैं। फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं के कारण स्कूली बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आंखों में जलन भी हो रही है। वही इस हाइवे से निकलने वाले राहगीर भी फैक्ट्री के प्रदूषण फैलाने वाले धुएं से परेशान हैं। इस समस्या को लेकर शासकीय पीएम श्री स्कूल एवं एक निजी स्कूलों ने ग्राम पंचायत को पत्र लिखकर फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं की शिकायत की थी। दोनों ही स्कूलों के पत्र को संज्ञान में लेकर सरपंच गिरजेश नायक द्वारा फैक्ट्री को 8 दिन के अंदर बंद करने का नोटिस दिया गया है। सरपंच गिरजेश नायक ने बताया कि सरकारी स्कूल और 1 प्राइवेट स्कूल के प्राचार्य ने पंचायत को लेटर जारी कर बताया था कि मध्य भारत फैक्ट्री से ज़हरीला धुंआ निकल रहा है। जिसकी वजह से बच्चों को सांस लेने और आंखों में जलन पड़ रही है। मामला संज्ञान में आते ही फैक्ट्री संचालक को नोटिस जारी कर समस्या समाप्त करने का बोला गया।
फैक्ट्री में किसानों के उपयोग में आनी वाली राखड़ बनाती है--दीवानगंज में स्तिथ मध्य भारत फास्फेड प्राइवेट लिमिटेड जो किसानों को उपयोग होने वाली राखड़ बनाती है। फेक्ट्री के आसपास 8 किसानों की जमीन लगी हुई है। किसान फेक्ट्री की कार्यशैली पर भी आरोप लगा रहे हैं। दरअसल फेक्ट्री रात में चालू होती है जिससे अधिक मात्रा में धुंआ छोड़ा जाता है यही वजह है कि किसानों की फसल सूख रही है। किसानों का कहना है फसल बर्बाद हुई तो लाखों का नुकसान होगा। किसान राजकुमार साहू साफ तौर पर कहते है फेक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक धुंआ हमारी फसल खराब कर रहा है। ऐसे में फेक्ट्री के मैनेजर ओम पाटीदार का कहना है कि हमारे यहां सब ठीक है किसान जांच करा लें। आपको बता दे कुछ साल तक यह फेक्ट्री बंद रहने के बाद फिर से शुरू हुई है। फैक्ट्री से सड़क पार कर महज 50 कदम की दूरी पर स्कूल हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठता है सड़क के किनारे बनी इस फैक्ट्री को अन्यत्र शिफ्ट क्यों नही किया जा रहा। जबकि किसान सहित स्कूली बच्चे भी इसके धुएं से परेशान हो रहे हैं।
इनका कहना है।
8 से 10 किसानों की लगभग 35 एकड़ जमीन पर लगी गेंहू और चना फसलें मध्य भारत फॉस्फेट प्रायवेट फैक्ट्री के धुएं से खराब हो गईं हैं। हमने ग्राम सेवक और पटवारी को भी बुलाकर फसलों की जांच कराई थी तो उन्होंने भी फसलों के खराब होने का कारण मौसमी नही फैक्ट्री ने निकले धुएं से होना बताया। अब हमें मुआवजा दिया जाए।
तरुण साहू, स्थानीय किसान।
फैक्ट्री अधिकतर रात के समय संचालित होती है। इसका ज़हरीला धुंआ फसलें खराब कर रहा है। हमारी शासन प्रशासन से मांग है कि इसकी जांच कराने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन पर कार्रवाई कर उचित मुआवजा दिया जाए।
राजकुमार साहू किसान।
हमारे पास भी किसान आए थे तो हमने भी उनसे जांच कराने को कहा है और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। फैक्ट्री में ऑनलाइन इंस्टूमेंट लगे हुए हैं। यहां से कोई भी ज़हरीला धुंआ नही निकलता है।
ओम पाटीदार फैक्ट्री मैनेजर।

