पूर्व विदेश मंत्री स्व.सुषमा स्वराज के प्रयासों से पाकिस्तान से लौटी गीता पहुंचीं दीवानगंज, अब 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
रायसेन जिले के सलामतपुर थाने की दीवानगंज चौकी में सोमवार शाम लगभग 6:30 बजे एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब पाकिस्तान से वर्ष 2015 में भारत लाई गई मूक-बधिर बालिका गीता महाराष्ट्र के परभणी से यहां पहुंचीं। उनके साथ आनंद सर्विस सोसाइटी के संचालक ज्ञानेंद्र पुरोहित भी मौजूद रहे। गीता को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विशेष प्रयासों से पाकिस्तान से भारत लाया गया था। स्वराज ने न केवल उन्हें स्वदेश वापस लाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि उनके परिवार की तलाश में भी हरसंभव मदद की थी। वर्तमान में गीता दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही हैं और विदिशा जिले के गुलाबगंज में बोर्ड परीक्षा देने जा रही हैं। पंडित दिनेशानंद महाराज उनकी पढ़ाई में सहयोग कर रहे हैं। गीता ने इशारों में बताया कि वह दसवीं पास कर नौकरी करना चाहती हैं, ताकि अपने गरीब परिवार का सहारा बन सकें। हालांकि, स्वर्गीय सुषमा स्वराज के निधन के बाद गीता को सरकारी स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया। न तो उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र बन सका है और न ही राज्य या केंद्र सरकार से कोई आर्थिक सहायता मिल रही है।मुड़ियाखेड़ा के पूरन पटेल सहित स्थानीय समाजसेवी समय-समय पर उनकी मदद करते रहे हैं। अब सबकी निगाहें गीता की आगामी परीक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर टिकी हैं।
