​अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर बेरखेड़ी चौराहे के पास लंबी दूरी की बसों का अवैध जमावड़ा यात्रियों और स्थानीय राहगीरों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। हाईवे किनारे स्थित ढाबों पर मनमाने तरीके से पार्क की जा रही बसें न केवल भीषण जाम की वजह बन रही हैं, बल्कि रोजाना जानलेवा हादसों को भी न्योता दे रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यातायात विभाग और आरटीओ की मिलीभगत व अनदेखी के चलते बस चालकों और ढाबा संचालकों के हौसले बुलंद हैं। लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और पुलिस कप्तान आशुतोष गुप्ता से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परमिट का उल्लंघन और आरटीओ की 'अनदेखी' पर सवाल--स्टेट हाईवे 18 पर प्रतिदिन रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, झांसी और इंदौर की ओर जाने वाली लगभग 100 से अधिक चार्टर्ड और अन्य लंबी दूरी की बसें गुजरती हैं। सूत्रों के अनुसार, कई बसों के पास भोपाल से वाया रायसेन होकर जाने का परमिट है, लेकिन दूरी और समय बचाने के लिए वे नियम विरुद्ध सलामतपुर वाले रास्ते से दौड़ रही हैं। रायसेन आरटीओ टीम प्रतिदिन दीवानगंज, सलामतपुर और त्रिमूर्ति चौराहे पर चेकिंग का दावा करती है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि बिना परमिट और नियम तोड़कर चल रही ये बसें अधिकारियों को नजर नहीं आतीं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ढाबा संचालकों और विभाग के बीच सांठगांठ के कारण अवैध वसूली का खेल चल रहा है।

हालिया हादसों से भी नहीं जागा प्रशासन--हाईवे पर बसों की लापरवाही और अनियंत्रित गति के कारण कुछ महीनों के भीतर कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में घोड़ापछाड़ पुल पर चलती बस का डीजल टैंक अचानक निकलकर सड़क पर गिर गया। बस बीच पुल पर बंद हो गई, जिससे हाईवे के दोनों तरफ लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।पुलिस को कड़ी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराना पड़ा।सांची शहर के पास एक तेज रफ्तार चार्टर्ड बस ने स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।वहीं दीवानगंज-देहरी गांव के पास प्रीत कंपनी की बस (एमपी04 पीए 3154) के चलते समय पिछले चारों पहिए अचानक निकलकर खेतों में जा गिरे। इस हादसे में 8 से 10 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से भोपाल भेजना पड़ा।

ढाबों पर लगता है मजमा, बना रहता है हादसे का डर--सलामतपुर थाना क्षेत्र के बेरखेड़ी चौराहे पर स्थित ढाबों पर बस ड्राइवर गाड़ियों को सड़क के मुहाने पर ही खड़ा कर देते हैं। बसों के रुकते ही यात्री हाईवे पर जमा हो जाते हैं, जिससे न केवल सड़क संकरी हो जाती है बल्कि ओवरटेक करने वाले अन्य वाहनों के टकराने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा ईंट ढोने वाली 407, तेज रफ्तार डंपर और डीजल टैंकरों की अंधी रफ्तार भी इस मार्ग को घातक बना रही है।जनता में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी। समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते नियम विरुद्ध खड़ी हो रही बसों के परमिट निरस्त करने और चालानी कार्रवाई शुरू नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।

इनका कहना है।

​"मामला संज्ञान में आया है। हालांकि मुख्य रूप से यातायात विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन पुलिस टीम भी ढाबा संचालकों को समझाइश देकर व्यवस्था सुधारेगे।"

श्यामराज सिंह सोमवंशी, थाना प्रभारी, सलामतपुर

​"बेरखेड़ी चौराहे पर बसों की अनियमित पार्किंग और सवारियों के हाईवे पर खड़े होने से हर वक्त हादसे का अंदेशा रहता है। ऐसी बसों के परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने चाहिए।"

रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच, ग्राम पंचायत रातातलाई।

​"ग्रामीणों ने कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। प्रशासन की लापरवाही से हाईवे पर मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है।"

कैलाश गोस्वामी, समाजसेवी, रातातलाई।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28